17 मई 2025 को बेंगलुरु का चौघड़िया

शनिवार, 17 मई 2025, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 मई 2025 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (05:58, 18 मई तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (17:44 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 09:04 से 10:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 18:38
रात 05:53 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 17:44 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:53 – 07:29टालें
शुभ07:29 – 09:04शुभ
रोग09:04 – 10:40टालें
उद्वेग10:40 – 12:16टालें
चर12:16 – 13:51सामान्य
लाभ13:51 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 17:02शुभ
काल17:02 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:38 – 20:02शुभ
उद्वेग20:02 – 21:27टालें
शुभ21:27 – 22:51शुभ
अमृत22:51 – 00:15शुभ
चर00:15 – 01:40सामान्य
रोग01:40 – 03:04टालें
काल03:04 – 04:29टालें
लाभ04:29 – 05:53शुभ

17 मई 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 05:58, 18 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 18:52, 18 मई तक
योग
साध्य 07:08 तक
शुभ 06:42, 18 मई तक
करण
कौलव 17:39 तक
तैतिल 05:58, 18 मई तक
चंद्र राशि
धनु 00:03, 18 मई तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
22:48
चंद्रास्त
09:25
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
09:04 – 10:40
यमगंड
13:51 – 15:27
गुलिक काल
05:53 – 07:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5306:57दिन
गुरु06:5708:01दिन
मंगल08:0109:04दिन
सूर्य09:0410:08दिन
शुक्र10:0811:12दिन
बुध11:1212:16दिन
चंद्र12:1613:19दिन
शनि13:1914:23दिन
गुरु14:2315:27दिन
मंगल15:2716:30दिन
सूर्य16:3017:34दिन
शुक्र17:3418:38दिन
बुध18:3819:34रात
चंद्र19:3420:30रात
शनि20:3021:27रात
गुरु21:2722:23रात
मंगल22:2323:19रात
सूर्य23:1900:15रात
शुक्र00:1501:12रात
बुध01:1202:08रात
चंद्र02:0803:04रात
शनि03:0404:01रात
गुरु04:0104:57रात
मंगल04:5705:53रात

अयनांश 24.2115° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।