30 मई 2025 को बेंगलुरु का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 मई 2025, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 मई 2025 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (21:23 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (21:29 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 10:40 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:42
रात 05:52 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:23 तक
पंचमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 21:29 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:52 – 07:28सामान्य
लाभ07:28 – 09:04शुभ
अमृत09:04 – 10:40शुभ
काल10:40 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:53शुभ
रोग13:53 – 15:29टालें
उद्वेग15:29 – 17:05टालें
चर17:05 – 18:42सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:42 – 20:05टालें
काल20:05 – 21:29टालें
लाभ21:29 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:04शुभ
चर03:04 – 04:28सामान्य
रोग04:28 – 05:52टालें

30 मई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 21:23 तक
शुक्ल पंचमी 20:15, 31 मई तक
नक्षत्र
पुष्य 21:07, 31 मई तक
योग
गंडअशुभ 12:56 तक
वृद्धि 10:43, 31 मई तक
करण
वणिज 10:15 तक
विष्टि (भद्रा) 21:23 तक
बव 08:43, 31 मई तक
चंद्र राशि
मिथुन 15:42 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
08:53
चंद्रास्त
22:13
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
10:40 – 12:17
यमगंड
15:29 – 17:05
गुलिक काल
07:28 – 09:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5206:56दिन
बुध06:5608:00दिन
चंद्र08:0009:04दिन
शनि09:0410:08दिन
गुरु10:0811:13दिन
मंगल11:1312:17दिन
सूर्य12:1713:21दिन
शुक्र13:2114:25दिन
बुध14:2515:29दिन
चंद्र15:2916:33दिन
शनि16:3317:37दिन
गुरु17:3718:42दिन
मंगल18:4219:37रात
सूर्य19:3720:33रात
शुक्र20:3321:29रात
बुध21:2922:25रात
चंद्र22:2523:21रात
शनि23:2100:17रात
गुरु00:1701:13रात
मंगल01:1302:08रात
सूर्य02:0803:04रात
शुक्र03:0404:00रात
बुध04:0004:56रात
चंद्र04:5605:52रात

अयनांश 24.2120° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।