2 अगस्त 2025 को बेंगलुरु का चौघड़िया

शनिवार, 2 अगस्त 2025, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 2 अगस्त 2025 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (07:23 तक), नक्षत्र विशाखा (06:35, 3 अग॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 09:15 से 10:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:46
रात 06:05 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:05 – 07:40टालें
शुभ07:40 – 09:15शुभ
रोग09:15 – 10:50टालें
उद्वेग10:50 – 12:25टालें
चर12:25 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:36शुभ
अमृत15:36 – 17:11शुभ
काल17:11 – 18:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:46 – 20:11शुभ
उद्वेग20:11 – 21:36टालें
शुभ21:36 – 23:01शुभ
अमृत23:01 – 00:25शुभ
चर00:25 – 01:50सामान्य
रोग01:50 – 03:15टालें
काल03:15 – 04:40टालें
लाभ04:40 – 06:05शुभ

2 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 07:23 तक
शुक्ल नवमी 09:42, 3 अग॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 06:35, 3 अग॰ तक
योग
शुक्ल 06:24, 3 अग॰ तक
करण
बव 07:23 तक
बालव 20:34 तक
कौलव 09:42, 3 अग॰ तक
चंद्र राशि
तुला 23:52 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
12:56
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
09:15 – 10:50
यमगंड
14:00 – 15:36
गुलिक काल
06:05 – 07:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0507:08दिन
गुरु07:0808:12दिन
मंगल08:1209:15दिन
सूर्य09:1510:19दिन
शुक्र10:1911:22दिन
बुध11:2212:25दिन
चंद्र12:2513:29दिन
शनि13:2914:32दिन
गुरु14:3215:36दिन
मंगल15:3616:39दिन
सूर्य16:3917:42दिन
शुक्र17:4218:46दिन
बुध18:4619:42रात
चंद्र19:4220:39रात
शनि20:3921:36रात
गुरु21:3622:32रात
मंगल22:3223:29रात
सूर्य23:2900:25रात
शुक्र00:2501:22रात
बुध01:2202:19रात
चंद्र02:1903:15रात
शनि03:1504:12रात
गुरु04:1205:09रात
मंगल05:0906:05रात

अयनांश 24.2145° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।