3 अगस्त 2026 को बेंगलुरु का चौघड़िया

सोमवार, 3 अगस्त 2026, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (22:54 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (22:00 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 07:40 से 09:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:45
रात 06:05 तक
तिथि
पंचमी, 22:54 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 22:00 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:05 – 07:40शुभ
काल07:40 – 09:15टालें
शुभ09:15 – 10:50शुभ
रोग10:50 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 14:00टालें
चर14:00 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 17:10शुभ
अमृत17:10 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:45 – 20:10सामान्य
रोग20:10 – 21:35टालें
काल21:35 – 23:00टालें
लाभ23:00 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:50टालें
शुभ01:50 – 03:15शुभ
अमृत03:15 – 04:40शुभ
चर04:40 – 06:05सामान्य

3 अगस्त 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 22:54 तक
कृष्ण षष्ठी 22:03, 4 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 21:54, 4 अग॰ तक
योग
सुकर्मा 21:13 तक
धृति 19:33, 4 अग॰ तक
करण
कौलव 11:08 तक
तैतिल 22:54 तक
गर 10:33, 4 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
21:58
चंद्रास्त
09:46
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
07:40 – 09:15
यमगंड
10:50 – 12:25
गुलिक काल
14:00 – 15:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0507:08दिन
शनि07:0808:12दिन
गुरु08:1209:15दिन
मंगल09:1510:19दिन
सूर्य10:1911:22दिन
शुक्र11:2212:25दिन
बुध12:2513:29दिन
चंद्र13:2914:32दिन
शनि14:3215:35दिन
गुरु15:3516:39दिन
मंगल16:3917:42दिन
सूर्य17:4218:45दिन
शुक्र18:4519:42रात
बुध19:4220:39रात
चंद्र20:3921:35रात
शनि21:3522:32रात
गुरु22:3223:29रात
मंगल23:2900:25रात
सूर्य00:2501:22रात
शुक्र01:2202:19रात
बुध02:1903:15रात
चंद्र03:1504:12रात
शनि04:1205:09रात
गुरु05:0906:05रात

अयनांश 24.2285° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।