22 जून 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

मंगलवार, 22 जून 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 22 जून 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (13:07 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (08:08 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 15:34 से 17:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:48
रात 05:55 तक
तिथि
तृतीया, 13:07 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:54 – 07:31टालें
उद्वेग07:31 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 13:58शुभ
काल13:58 – 15:34टालें
शुभ15:34 – 17:11शुभ
रोग17:11 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:48 – 20:11टालें
लाभ20:11 – 21:34शुभ
उद्वेग21:34 – 22:58टालें
शुभ22:58 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 01:45शुभ
चर01:45 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:31टालें
काल04:31 – 05:55टालें

22 जून 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 13:07 तक
कृष्ण चतुर्थी 15:43, 23 जून तक
नक्षत्र
श्रवण 11:17, 23 जून तक
योग
इंद्र 08:55 तक
वैधृतिअशुभ 10:02, 23 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:07 तक
बव 02:25, 23 जून तक
बालव 15:43, 23 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
21:27
चंद्रास्त
08:27
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:34 – 17:11
यमगंड
09:08 – 10:44
गुलिक काल
12:21 – 13:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5406:59दिन
सूर्य06:5908:03दिन
शुक्र08:0309:08दिन
बुध09:0810:12दिन
चंद्र10:1211:17दिन
शनि11:1712:21दिन
गुरु12:2113:26दिन
मंगल13:2614:30दिन
सूर्य14:3015:34दिन
शुक्र15:3416:39दिन
बुध16:3917:43दिन
चंद्र17:4318:48दिन
शनि18:4819:43रात
गुरु19:4320:39रात
मंगल20:3921:34रात
सूर्य21:3422:30रात
शुक्र22:3023:26रात
बुध23:2600:21रात
चंद्र00:2101:17रात
शनि01:1702:12रात
गुरु02:1203:08रात
मंगल03:0804:03रात
सूर्य04:0304:59रात
शुक्र04:5905:55रात

अयनांश 24.2408° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।