28 जुलाई 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

बुधवार, 28 जुलाई 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 28 जुलाई 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (09:15 तक), नक्षत्र कृत्तिका (04:58, 29 जुल॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 12:26 से 14:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 18:47
रात 06:04 तक
तिथि
नवमी, 09:15 तक
दशमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 04:58 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:04 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:26शुभ
रोग12:26 – 14:01टालें
उद्वेग14:01 – 15:36टालें
चर15:36 – 17:12सामान्य
लाभ17:12 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:47 – 20:12टालें
शुभ20:12 – 21:37शुभ
अमृत21:37 – 23:01शुभ
चर23:01 – 00:26सामान्य
रोग00:26 – 01:50टालें
काल01:50 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:39शुभ
उद्वेग04:39 – 06:04टालें

28 जुलाई 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 09:15 तक
कृष्ण दशमी 07:34, 29 जुल॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 04:58, 29 जुल॰ तक
रोहिणी 03:28, 30 जुल॰ तक
योग
गंडअशुभ 15:54 तक
वृद्धि 13:20, 29 जुल॰ तक
करण
गर 09:15 तक
वणिज 20:30 तक
विष्टि (भद्रा) 07:34, 29 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:39 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
00:33
चंद्रास्त
13:46
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:26 – 14:01
यमगंड
07:39 – 09:15
गुलिक काल
10:50 – 12:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0407:07दिन
चंद्र07:0708:11दिन
शनि08:1109:15दिन
गुरु09:1510:18दिन
मंगल10:1811:22दिन
सूर्य11:2212:26दिन
शुक्र12:2613:29दिन
बुध13:2914:33दिन
चंद्र14:3315:36दिन
शनि15:3616:40दिन
गुरु16:4017:44दिन
मंगल17:4418:47दिन
सूर्य18:4719:44रात
शुक्र19:4420:40रात
बुध20:4021:37रात
चंद्र21:3722:33रात
शनि22:3323:29रात
गुरु23:2900:26रात
मंगल00:2601:22रात
सूर्य01:2202:18रात
शुक्र02:1803:15रात
बुध03:1504:11रात
चंद्र04:1105:08रात
शनि05:0806:04रात

अयनांश 24.2422° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।