1 अगस्त 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

रविवार, 1 अगस्त 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 अगस्त 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (19:20 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (20:05 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 17:11 से 18:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:46
रात 06:05 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:20 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पुनर्वसु, 20:05 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:05 – 07:40टालें
चर07:40 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:50शुभ
अमृत10:50 – 12:25शुभ
काल12:25 – 14:01टालें
शुभ14:01 – 15:36शुभ
रोग15:36 – 17:11टालें
उद्वेग17:11 – 18:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:46 – 20:11शुभ
अमृत20:11 – 21:36शुभ
चर21:36 – 23:01सामान्य
रोग23:01 – 00:26टालें
काल00:26 – 01:50टालें
लाभ01:50 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 04:40टालें
शुभ04:40 – 06:05शुभ

1 अगस्त 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:20 तक
अमावस्या 15:35, 2 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 17:09, 2 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 22:43 तक
सिद्धि 18:32, 2 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:10 तक
शकुनि 19:20 तक
चतुष्पद 05:28, 2 अग॰ तक
नाग 15:35, 2 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 14:48 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
04:37
चंद्रास्त
17:54
दिनमान
12h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
17:11 – 18:46
यमगंड
12:25 – 14:01
गुलिक काल
15:36 – 17:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0507:08दिन
शुक्र07:0808:12दिन
बुध08:1209:15दिन
चंद्र09:1510:19दिन
शनि10:1911:22दिन
गुरु11:2212:25दिन
मंगल12:2513:29दिन
सूर्य13:2914:32दिन
शुक्र14:3215:36दिन
बुध15:3616:39दिन
चंद्र16:3917:43दिन
शनि17:4318:46दिन
गुरु18:4619:43रात
मंगल19:4320:39रात
सूर्य20:3921:36रात
शुक्र21:3622:32रात
बुध22:3223:29रात
चंद्र23:2900:26रात
शनि00:2601:22रात
गुरु01:2202:19रात
मंगल02:1903:15रात
सूर्य03:1504:12रात
शुक्र04:1205:08रात
बुध05:0806:05रात

अयनांश 24.2423° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।