10 दिसंबर 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (02:53, 11 दिस॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (17:54 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 10:46 से 12:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:53
रात 06:31 तक
तिथि
द्वादशी, 02:53 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अश्विनी, 17:54 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:30 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:46शुभ
काल10:46 – 12:12टालें
शुभ12:12 – 13:37शुभ
रोग13:37 – 15:02टालें
उद्वेग15:02 – 16:28टालें
चर16:28 – 17:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:53 – 19:28टालें
काल19:28 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:37शुभ
उद्वेग22:37 – 00:12टालें
शुभ00:12 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:21शुभ
चर03:21 – 04:56सामान्य
रोग04:56 – 06:31टालें

10 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 02:53, 11 दिस॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 01:43, 12 दिस॰ तक
नक्षत्र
भरणी 17:38, 11 दिस॰ तक
योग
परिघअशुभ 03:59, 11 दिस॰ तक
शिव 01:49, 12 दिस॰ तक
करण
बव 15:12 तक
बालव 02:53, 11 दिस॰ तक
कौलव 14:23, 11 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
14:54
चंद्रास्त
03:02
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:46 – 12:12
यमगंड
15:02 – 16:28
गुलिक काल
07:56 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3007:27दिन
बुध07:2708:24दिन
चंद्र08:2409:21दिन
शनि09:2110:18दिन
गुरु10:1811:15दिन
मंगल11:1512:12दिन
सूर्य12:1213:09दिन
शुक्र13:0914:05दिन
बुध14:0515:02दिन
चंद्र15:0215:59दिन
शनि15:5916:56दिन
गुरु16:5617:53दिन
मंगल17:5318:56रात
सूर्य18:5619:59रात
शुक्र19:5921:03रात
बुध21:0322:06रात
चंद्र22:0623:09रात
शनि23:0900:12रात
गुरु00:1201:15रात
मंगल01:1502:18रात
सूर्य02:1803:21रात
शुक्र03:2104:24रात
बुध04:2405:28रात
चंद्र05:2806:31रात

अयनांश 24.2473° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।