3 अक्टूबर 2029 को ब्रह्मपुर (बरहमपुर) का चौघड़िया

बुधवार, 3 अक्टूबर 2029, ब्रह्मपुर (बरहमपुर), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 अक्टूबर 2029 को ब्रह्मपुर (बरहमपुर) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (14:31 तक), नक्षत्र पुष्य (15:24 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 11:39 से 13:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:37
रात 05:42 तक
तिथि
दशमी, 14:31 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 15:24 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:41 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:40शुभ
काल08:40 – 10:10टालें
शुभ10:10 – 11:39शुभ
रोग11:39 – 13:09टालें
उद्वेग13:09 – 14:38टालें
चर14:38 – 16:07सामान्य
लाभ16:07 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:37 – 19:08टालें
शुभ19:08 – 20:38शुभ
अमृत20:38 – 22:09शुभ
चर22:09 – 23:39सामान्य
रोग23:39 – 01:10टालें
काल01:10 – 02:41टालें
लाभ02:41 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:42टालें

3 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 14:31 तक
कृष्ण एकादशी 13:02, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 15:24 तक
आश्लेषा 14:35, 4 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 03:04, 4 अक्टू॰ तक
साध्य 00:23, 5 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:31 तक
बव 01:52, 4 अक्टू॰ तक
बालव 13:02, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
00:57
चंद्रास्त
14:08
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:39 – 13:09
यमगंड
07:11 – 08:40
गुलिक काल
10:10 – 11:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4106:41दिन
चंद्र06:4107:41दिन
शनि07:4108:40दिन
गुरु08:4009:40दिन
मंगल09:4010:40दिन
सूर्य10:4011:39दिन
शुक्र11:3912:39दिन
बुध12:3913:38दिन
चंद्र13:3814:38दिन
शनि14:3815:38दिन
गुरु15:3816:37दिन
मंगल16:3717:37दिन
सूर्य17:3718:37रात
शुक्र18:3719:38रात
बुध19:3820:38रात
चंद्र20:3821:39रात
शनि21:3922:39रात
गुरु22:3923:39रात
मंगल23:3900:40रात
सूर्य00:4001:40रात
शुक्र01:4002:41रात
बुध02:4103:41रात
चंद्र03:4104:41रात
शनि04:4105:42रात

अयनांश 24.2727° (लाहिड़ी)। समय ब्रह्मपुर (बरहमपुर) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।