26 सितंबर 2025 को भावनगर का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:33 तक), नक्षत्र विशाखा (22:09 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 11:02 से 12:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:33
रात 06:31 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 22:09 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:31 – 08:01सामान्य
लाभ08:01 – 09:31शुभ
अमृत09:31 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:32टालें
शुभ12:32 – 14:02शुभ
रोग14:02 – 15:33टालें
उद्वेग15:33 – 17:03टालें
चर17:03 – 18:33सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:33 – 20:03टालें
काल20:03 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 23:02शुभ
उद्वेग23:02 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:02शुभ
अमृत02:02 – 03:32शुभ
चर03:32 – 05:01सामान्य
रोग05:01 – 06:31टालें

26 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:33 तक
शुक्ल पंचमी 12:04, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 22:09 तक
अनुराधा 01:08, 28 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:50 तक
प्रीति 23:45, 27 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:33 तक
बव 22:49 तक
बालव 12:04, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 15:23 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
10:10
चंद्रास्त
21:10
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
11:02 – 12:32
यमगंड
15:33 – 17:03
गुलिक काल
08:01 – 09:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3107:31दिन
बुध07:3108:31दिन
चंद्र08:3109:31दिन
शनि09:3110:32दिन
गुरु10:3211:32दिन
मंगल11:3212:32दिन
सूर्य12:3213:32दिन
शुक्र13:3214:32दिन
बुध14:3215:33दिन
चंद्र15:3316:33दिन
शनि16:3317:33दिन
गुरु17:3318:33दिन
मंगल18:3319:33रात
सूर्य19:3320:33रात
शुक्र20:3321:33रात
बुध21:3322:33रात
चंद्र22:3323:32रात
शनि23:3200:32रात
गुरु00:3201:32रात
मंगल01:3202:32रात
सूर्य02:3203:32रात
शुक्र03:3204:31रात
बुध04:3105:31रात
चंद्र05:3106:31रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।