14 सितंबर 2027 को भावनगर का चौघड़िया

मंगलवार, 14 सितंबर 2027, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 सितंबर 2027 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (02:48, 15 सित॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (08:59 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 15:41 से 17:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:45
रात 06:28 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:48 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:27 – 08:00टालें
उद्वेग08:00 – 09:32टालें
चर09:32 – 11:04सामान्य
लाभ11:04 – 12:36शुभ
अमृत12:36 – 14:09शुभ
काल14:09 – 15:41टालें
शुभ15:41 – 17:13शुभ
रोग17:13 – 18:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:45 – 20:13टालें
लाभ20:13 – 21:41शुभ
उद्वेग21:41 – 23:09टालें
शुभ23:09 – 00:37शुभ
अमृत00:37 – 02:04शुभ
चर02:04 – 03:32सामान्य
रोग03:32 – 05:00टालें
काल05:00 – 06:28टालें

14 सितंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:48, 15 सित॰ तक
पूर्णिमा 04:33, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 11:33, 15 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 08:36 तक
धृति 09:12, 15 सित॰ तक
करण
गर 13:47 तक
वणिज 02:48, 15 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:44, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
17:46
चंद्रास्त
04:55
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
15:41 – 17:13
यमगंड
09:32 – 11:04
गुलिक काल
12:36 – 14:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2707:29दिन
सूर्य07:2908:30दिन
शुक्र08:3009:32दिन
बुध09:3210:33दिन
चंद्र10:3311:35दिन
शनि11:3512:36दिन
गुरु12:3613:38दिन
मंगल13:3814:39दिन
सूर्य14:3915:41दिन
शुक्र15:4116:42दिन
बुध16:4217:44दिन
चंद्र17:4418:45दिन
शनि18:4519:44रात
गुरु19:4420:43रात
मंगल20:4321:41रात
सूर्य21:4122:40रात
शुक्र22:4023:38रात
बुध23:3800:37रात
चंद्र00:3701:35रात
शनि01:3502:34रात
गुरु02:3403:32रात
मंगल03:3204:31रात
सूर्य04:3105:29रात
शुक्र05:2906:28रात

अयनांश 24.2440° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।