23 अप्रैल 2029 को भावनगर का चौघड़िया

सोमवार, 23 अप्रैल 2029, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 अप्रैल 2029 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (11:30 तक), नक्षत्र आश्लेषा (16:28 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 07:51 से 09:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 19:04
रात 06:14 तक
तिथि
नवमी, 11:30 तक
दशमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 16:28 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:15 – 07:51शुभ
काल07:51 – 09:27टालें
शुभ09:27 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:39टालें
उद्वेग12:39 – 14:15टालें
चर14:15 – 15:51सामान्य
लाभ15:51 – 17:27शुभ
अमृत17:27 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:04 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 21:51टालें
काल21:51 – 23:15टालें
लाभ23:15 – 00:39शुभ
उद्वेग00:39 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:27शुभ
अमृत03:27 – 04:51शुभ
चर04:51 – 06:14सामान्य

23 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 11:30 तक
शुक्ल दशमी 09:23, 24 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 14:57, 24 अप्रैल तक
योग
गंडअशुभ 22:53 तक
वृद्धि 19:47, 24 अप्रैल तक
करण
कौलव 11:30 तक
तैतिल 22:31 तक
गर 09:23, 24 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 16:28 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
13:54
चंद्रास्त
02:06
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
07:51 – 09:27
यमगंड
11:03 – 12:39
गुलिक काल
14:15 – 15:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1507:19दिन
शनि07:1908:23दिन
गुरु08:2309:27दिन
मंगल09:2710:31दिन
सूर्य10:3111:35दिन
शुक्र11:3512:39दिन
बुध12:3913:43दिन
चंद्र13:4314:47दिन
शनि14:4715:51दिन
गुरु15:5116:55दिन
मंगल16:5518:00दिन
सूर्य18:0019:04दिन
शुक्र19:0419:59रात
बुध19:5920:55रात
चंद्र20:5521:51रात
शनि21:5122:47रात
गुरु22:4723:43रात
मंगल23:4300:39रात
सूर्य00:3901:35रात
शुक्र01:3502:31रात
बुध02:3103:27रात
चंद्र03:2704:23रात
शनि04:2305:18रात
गुरु05:1806:14रात

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।