4 अक्टूबर 2029 को भावनगर का चौघड़िया

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (13:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (14:35 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 13:58 से 15:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:26
रात 06:33 तक
तिथि
एकादशी, 13:02 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 14:35 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:33 – 08:02शुभ
रोग08:02 – 09:31टालें
उद्वेग09:31 – 11:00टालें
चर11:00 – 12:29सामान्य
लाभ12:29 – 13:58शुभ
अमृत13:58 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:57टालें
शुभ16:57 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:26 – 19:57शुभ
चर19:57 – 21:28सामान्य
रोग21:28 – 22:59टालें
काल22:59 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 02:01शुभ
उद्वेग02:01 – 03:31टालें
शुभ03:31 – 05:02शुभ
अमृत05:02 – 06:33शुभ

4 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 13:02 तक
कृष्ण द्वादशी 10:46, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:00, 5 अक्टू॰ तक
योग
साध्य 00:23, 5 अक्टू॰ तक
शुभ 21:07, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 13:02 तक
कौलव 23:59 तक
तैतिल 10:46, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 14:35 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
02:45
चंद्रास्त
15:45
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
13:58 – 15:28
यमगंड
06:33 – 08:02
गुलिक काल
09:31 – 11:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3307:32दिन
मंगल07:3208:32दिन
सूर्य08:3209:31दिन
शुक्र09:3110:31दिन
बुध10:3111:30दिन
चंद्र11:3012:29दिन
शनि12:2913:29दिन
गुरु13:2914:28दिन
मंगल14:2815:28दिन
सूर्य15:2816:27दिन
शुक्र16:2717:26दिन
बुध17:2618:26दिन
चंद्र18:2619:26रात
शनि19:2620:27रात
गुरु20:2721:28रात
मंगल21:2822:28रात
सूर्य22:2823:29रात
शुक्र23:2900:30रात
बुध00:3001:30रात
चंद्र01:3002:31रात
शनि02:3103:31रात
गुरु03:3104:32रात
मंगल04:3205:33रात
सूर्य05:3306:33रात

अयनांश 24.2727° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।