6 नवंबर 2029 को भिलाई का चौघड़िया

मंगलवार, 6 नवंबर 2029, भिलाई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 नवंबर 2029 को भिलाई में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (09:54 तक), नक्षत्र स्वाति (10:16 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 14:36 से 16:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 17:25
रात 06:10 तक
तिथि
अमावस्या, 09:54 तक
प्रतिपदा, 06:08 तक
नक्षत्र
स्वाति, 10:16 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:09 – 07:34टालें
उद्वेग07:34 – 08:58टालें
चर08:58 – 10:23सामान्य
लाभ10:23 – 11:47शुभ
अमृत11:47 – 13:12शुभ
काल13:12 – 14:36टालें
शुभ14:36 – 16:01शुभ
रोग16:01 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:25 – 19:01टालें
लाभ19:01 – 20:36शुभ
उद्वेग20:36 – 22:12टालें
शुभ22:12 – 23:48शुभ
अमृत23:48 – 01:23शुभ
चर01:23 – 02:59सामान्य
रोग02:59 – 04:34टालें
काल04:34 – 06:10टालें

6 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 09:54 तक
शुक्ल प्रतिपदा 06:08, 7 नव॰ तक
शुक्ल द्वितीया 02:37, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 10:16 तक
विशाखा 07:16, 7 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 10:35 तक
सौभाग्य 06:18, 7 नव॰ तक
करण
नाग 09:54 तक
किंस्तुघ्न 19:59 तक
बव 06:08, 7 नव॰ तक
बालव 16:20, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
तुला 02:00, 7 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
06:05
चंद्रास्त
17:28
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
14:36 – 16:01
यमगंड
08:58 – 10:23
गुलिक काल
11:47 – 13:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0907:06दिन
सूर्य07:0608:02दिन
शुक्र08:0208:58दिन
बुध08:5809:55दिन
चंद्र09:5510:51दिन
शनि10:5111:47दिन
गुरु11:4712:44दिन
मंगल12:4413:40दिन
सूर्य13:4014:36दिन
शुक्र14:3615:33दिन
बुध15:3316:29दिन
चंद्र16:2917:25दिन
शनि17:2518:29रात
गुरु18:2919:33रात
मंगल19:3320:36रात
सूर्य20:3621:40रात
शुक्र21:4022:44रात
बुध22:4423:48रात
चंद्र23:4800:51रात
शनि00:5101:55रात
गुरु01:5502:59रात
मंगल02:5904:02रात
सूर्य04:0205:06रात
शुक्र05:0606:10रात

अयनांश 24.2740° (लाहिड़ी)। समय भिलाई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।