31 अक्टूबर 2025 को बीकानेर का चौघड़िया

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025, बीकानेर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025 को बीकानेर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:04 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (18:51 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 10:56 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:53
रात 06:47 तक
तिथि
नवमी, 10:04 तक
दशमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 18:51 तक
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:47 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 10:56शुभ
काल10:56 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:43शुभ
रोग13:43 – 15:06टालें
उद्वेग15:06 – 16:29टालें
चर16:29 – 17:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:53 – 19:29टालें
काल19:29 – 21:06टालें
लाभ21:06 – 22:43शुभ
उद्वेग22:43 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 01:57शुभ
अमृत01:57 – 03:34शुभ
चर03:34 – 05:11सामान्य
रोग05:11 – 06:47टालें

31 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:04 तक
शुक्ल दशमी 09:12, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:20, 1 नव॰ तक
योग
वृद्धि 04:31, 1 नव॰ तक
ध्रुव 02:09, 2 नव॰ तक
करण
कौलव 10:04 तक
तैतिल 21:44 तक
गर 09:12, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
मकर 06:48 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
14:31
चंद्रास्त
00:58
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
10:56 – 12:20
यमगंड
15:06 – 16:29
गुलिक काल
08:10 – 09:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4707:42दिन
बुध07:4208:38दिन
चंद्र08:3809:33दिन
शनि09:3310:29दिन
गुरु10:2911:24दिन
मंगल11:2412:20दिन
सूर्य12:2013:15दिन
शुक्र13:1514:11दिन
बुध14:1115:06दिन
चंद्र15:0616:02दिन
शनि16:0216:57दिन
गुरु16:5717:53दिन
मंगल17:5318:57रात
सूर्य18:5720:02रात
शुक्र20:0221:06रात
बुध21:0622:11रात
चंद्र22:1123:15रात
शनि23:1500:20रात
गुरु00:2001:25रात
मंगल01:2502:29रात
सूर्य02:2903:34रात
शुक्र03:3404:38रात
बुध04:3805:43रात
चंद्र05:4306:47रात

अयनांश 24.2179° (लाहिड़ी)। समय बीकानेर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।