1 नवंबर 2027 को बीकानेर का चौघड़िया

सोमवार, 1 नवंबर 2027, बीकानेर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 नवंबर 2027 को बीकानेर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (17:15 तक), नक्षत्र अनुराधा (09:57 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 08:10 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:52
रात 06:48 तक
तिथि
तृतीया, 17:15 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 09:57 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:47 – 08:10शुभ
काल08:10 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:43टालें
चर13:43 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 16:29शुभ
अमृत16:29 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:29सामान्य
रोग19:29 – 21:06टालें
काल21:06 – 22:43टालें
लाभ22:43 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:34शुभ
अमृत03:34 – 05:11शुभ
चर05:11 – 06:48सामान्य

1 नवंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 17:15 तक
शुक्ल चतुर्थी 18:02, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 11:06, 2 नव॰ तक
योग
शोभन 19:54 तक
अतिगंडअशुभ 19:26, 2 नव॰ तक
करण
गर 17:15 तक
वणिज 05:33, 2 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 18:02, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
09:30
चंद्रास्त
19:50
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
08:10 – 09:33
यमगंड
10:57 – 12:20
गुलिक काल
13:43 – 15:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4707:43दिन
शनि07:4308:38दिन
गुरु08:3809:33दिन
मंगल09:3310:29दिन
सूर्य10:2911:24दिन
शुक्र11:2412:20दिन
बुध12:2013:15दिन
चंद्र13:1514:11दिन
शनि14:1115:06दिन
गुरु15:0616:01दिन
मंगल16:0116:57दिन
सूर्य16:5717:52दिन
शुक्र17:5218:57रात
बुध18:5720:01रात
चंद्र20:0121:06रात
शनि21:0622:11रात
गुरु22:1123:15रात
मंगल23:1500:20रात
सूर्य00:2001:25रात
शुक्र01:2502:29रात
बुध02:2903:34रात
चंद्र03:3404:39रात
शनि04:3905:43रात
गुरु05:4306:48रात

अयनांश 24.2459° (लाहिड़ी)। समय बीकानेर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।