14 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर का चौघड़िया

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026, बिलासपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (01:13, 15 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (04:03, 15 अक्टू॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:37
रात 05:57 तक
तिथि
चतुर्थी, 01:13 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 04:03 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:57 – 07:24शुभ
अमृत07:24 – 08:52शुभ
काल08:52 – 10:19टालें
शुभ10:19 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:14टालें
उद्वेग13:14 – 14:42टालें
चर14:42 – 16:09सामान्य
लाभ16:09 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:37 – 19:10टालें
शुभ19:10 – 20:42शुभ
अमृत20:42 – 22:14शुभ
चर22:14 – 23:47सामान्य
रोग23:47 – 01:19टालें
काल01:19 – 02:52टालें
लाभ02:52 – 04:24शुभ
उद्वेग04:24 – 05:57टालें

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 01:13, 15 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 03:25, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 04:03, 15 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 06:47, 16 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 20:39 तक
सौभाग्य 21:15, 15 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:17 तक
विष्टि (भद्रा) 01:13, 15 अक्टू॰ तक
बव 14:16, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
09:07
चंद्रास्त
19:57
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:10 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:14
यमगंड
07:24 – 08:52
गुलिक काल
10:19 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5706:55दिन
चंद्र06:5507:53दिन
शनि07:5308:52दिन
गुरु08:5209:50दिन
मंगल09:5010:48दिन
सूर्य10:4811:47दिन
शुक्र11:4712:45दिन
बुध12:4513:44दिन
चंद्र13:4414:42दिन
शनि14:4215:40दिन
गुरु15:4016:39दिन
मंगल16:3917:37दिन
सूर्य17:3718:39रात
शुक्र18:3919:40रात
बुध19:4020:42रात
चंद्र20:4221:44रात
शनि21:4422:45रात
गुरु22:4523:47रात
मंगल23:4700:49रात
सूर्य00:4901:50रात
शुक्र01:5002:52रात
बुध02:5203:54रात
चंद्र03:5404:55रात
शनि04:5505:57रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय बिलासपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।