16 अप्रैल 2027 को बोकारो का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027, बोकारो, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027 को बोकारो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (11:22 तक), नक्षत्र आश्लेषा (08:18 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 10:10 से 11:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 18:06
रात 05:23 तक
तिथि
दशमी, 11:22 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:24 – 06:59सामान्य
लाभ06:59 – 08:34शुभ
अमृत08:34 – 10:10शुभ
काल10:10 – 11:45टालें
शुभ11:45 – 13:20शुभ
रोग13:20 – 14:56टालें
उद्वेग14:56 – 16:31टालें
चर16:31 – 18:06सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:06 – 19:31टालें
काल19:31 – 20:55टालें
लाभ20:55 – 22:20शुभ
उद्वेग22:20 – 23:45टालें
शुभ23:45 – 01:09शुभ
अमृत01:09 – 02:34शुभ
चर02:34 – 03:58सामान्य
रोग03:58 – 05:23टालें

16 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 11:22 तक
शुक्ल एकादशी 09:28, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 07:08, 17 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 05:38 तक
गंडअशुभ 02:58, 17 अप्रैल तक
वृद्धि 00:24, 18 अप्रैल तक
करण
गर 11:22 तक
वणिज 22:24 तक
विष्टि (भद्रा) 09:28, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 08:18 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
13:45
चंद्रास्त
02:07
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
10:10 – 11:45
यमगंड
14:56 – 16:31
गुलिक काल
06:59 – 08:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2406:27दिन
बुध06:2707:31दिन
चंद्र07:3108:34दिन
शनि08:3409:38दिन
गुरु09:3810:41दिन
मंगल10:4111:45दिन
सूर्य11:4512:49दिन
शुक्र12:4913:52दिन
बुध13:5214:56दिन
चंद्र14:5615:59दिन
शनि15:5917:03दिन
गुरु17:0318:06दिन
मंगल18:0619:03रात
सूर्य19:0319:59रात
शुक्र19:5920:55रात
बुध20:5521:52रात
चंद्र21:5222:48रात
शनि22:4823:45रात
गुरु23:4500:41रात
मंगल00:4101:37रात
सूर्य01:3702:34रात
शुक्र02:3403:30रात
बुध03:3004:26रात
चंद्र04:2605:23रात

अयनांश 24.2382° (लाहिड़ी)। समय बोकारो (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।