27 जनवरी 2000 को चेन्नई का चौघड़िया

गुरुवार, 27 जनवरी 2000, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 जनवरी 2000 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (00:44, 28 जन॰ तक), नक्षत्र चित्रा (23:31 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:07
रात 06:35 तक
तिथि
सप्तमी, 00:44 तक
अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा, 23:31 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:35 – 08:02शुभ
रोग08:02 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:55टालें
चर10:55 – 12:21सामान्य
लाभ12:21 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:14शुभ
काल15:14 – 16:40टालें
शुभ16:40 – 18:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:07 – 19:40शुभ
चर19:40 – 21:14सामान्य
रोग21:14 – 22:47टालें
काल22:47 – 00:21टालें
लाभ00:21 – 01:55शुभ
उद्वेग01:55 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 05:02शुभ
अमृत05:02 – 06:35शुभ

27 जनवरी 2000 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 00:44, 28 जन॰ तक
कृष्ण अष्टमी 02:18, 29 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 23:31 तक
स्वाति 01:33, 29 जन॰ तक
योग
धृति 17:44 तक
शूलअशुभ 17:38, 28 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:13 तक
बव 00:44, 28 जन॰ तक
बालव 13:26, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:45 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
23:52
चंद्रास्त
11:18
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2056
शक संवत
1921, प्रमाथी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:14
यमगंड
06:35 – 08:02
गुलिक काल
09:28 – 10:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3507:33दिन
मंगल07:3308:31दिन
सूर्य08:3109:28दिन
शुक्र09:2810:26दिन
बुध10:2611:23दिन
चंद्र11:2312:21दिन
शनि12:2113:19दिन
गुरु13:1914:16दिन
मंगल14:1615:14दिन
सूर्य15:1416:12दिन
शुक्र16:1217:09दिन
बुध17:0918:07दिन
चंद्र18:0719:09रात
शनि19:0920:12रात
गुरु20:1221:14रात
मंगल21:1422:16रात
सूर्य22:1623:19रात
शुक्र23:1900:21रात
बुध00:2101:23रात
चंद्र01:2302:26रात
शनि02:2603:28रात
गुरु03:2804:31रात
मंगल04:3105:33रात
सूर्य05:3306:35रात

अयनांश 23.8580° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।