5 जनवरी 2004 को चेन्नई का चौघड़िया

सोमवार, 5 जनवरी 2004, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 जनवरी 2004 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (16:58 तक), नक्षत्र रोहिणी (10:29 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:55
रात 06:32 तक
तिथि
त्रयोदशी, 16:58 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 10:29 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:32 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:23टालें
शुभ09:23 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:13टालें
उद्वेग12:13 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:04सामान्य
लाभ15:04 – 16:30शुभ
अमृत16:30 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:55 – 19:30सामान्य
रोग19:30 – 21:04टालें
काल21:04 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:23शुभ
अमृत03:23 – 04:58शुभ
चर04:58 – 06:32सामान्य

5 जनवरी 2004 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 16:58 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:15, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:29 तक
मृगशिरा 13:17, 6 जन॰ तक
योग
शुक्ल 22:22 तक
ब्रह्म 22:57, 6 जन॰ तक
करण
तैतिल 16:58 तक
गर 06:10, 6 जन॰ तक
वणिज 19:15, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
16:01
चंद्रास्त
04:28
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:23
यमगंड
10:48 – 12:13
गुलिक काल
13:39 – 15:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3207:29दिन
शनि07:2908:26दिन
गुरु08:2609:23दिन
मंगल09:2310:20दिन
सूर्य10:2011:17दिन
शुक्र11:1712:13दिन
बुध12:1313:10दिन
चंद्र13:1014:07दिन
शनि14:0715:04दिन
गुरु15:0416:01दिन
मंगल16:0116:58दिन
सूर्य16:5817:55दिन
शुक्र17:5518:58रात
बुध18:5820:01रात
चंद्र20:0121:04रात
शनि21:0422:07रात
गुरु22:0723:11रात
मंगल23:1100:14रात
सूर्य00:1401:17रात
शुक्र01:1702:20रात
बुध02:2003:23रात
चंद्र03:2304:26रात
शनि04:2605:29रात
गुरु05:2906:32रात

अयनांश 23.9131° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।