11 जनवरी 2012 को चेन्नई का चौघड़िया

बुधवार, 11 जनवरी 2012, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 11 जनवरी 2012 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (11:51 तक), नक्षत्र आश्लेषा (04:48, 12 जन॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 12:16 से 13:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:58
रात 06:34 तक
तिथि
द्वितीया, 11:51 तक
तृतीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 04:48 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:34 – 07:59शुभ
अमृत07:59 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:16शुभ
रोग12:16 – 13:42टालें
उद्वेग13:42 – 15:07टालें
चर15:07 – 16:33सामान्य
लाभ16:33 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:58 – 19:33टालें
शुभ19:33 – 21:07शुभ
अमृत21:07 – 22:42शुभ
चर22:42 – 00:16सामान्य
रोग00:16 – 01:51टालें
काल01:51 – 03:25टालें
लाभ03:25 – 04:59शुभ
उद्वेग04:59 – 06:34टालें

11 जनवरी 2012 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 11:51 तक
कृष्ण तृतीया 10:40, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 04:48, 12 जन॰ तक
मघा 04:01, 13 जन॰ तक
योग
प्रीति 04:04, 12 जन॰ तक
आयुष्मान 01:43, 13 जन॰ तक
करण
गर 11:51 तक
वणिज 23:18 तक
विष्टि (भद्रा) 10:40, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 04:48, 12 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
19:57
चंद्रास्त
07:54
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:39 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:16 – 13:42
यमगंड
07:59 – 09:25
गुलिक काल
10:50 – 12:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3407:31दिन
चंद्र07:3108:28दिन
शनि08:2809:25दिन
गुरु09:2510:22दिन
मंगल10:2211:19दिन
सूर्य11:1912:16दिन
शुक्र12:1613:13दिन
बुध13:1314:10दिन
चंद्र14:1015:07दिन
शनि15:0716:04दिन
गुरु16:0417:01दिन
मंगल17:0117:58दिन
सूर्य17:5819:01रात
शुक्र19:0120:04रात
बुध20:0421:07रात
चंद्र21:0722:10रात
शनि22:1023:13रात
गुरु23:1300:16रात
मंगल00:1601:19रात
सूर्य01:1902:22रात
शुक्र02:2203:25रात
बुध03:2504:28रात
चंद्र04:2805:31रात
शनि05:3106:34रात

अयनांश 24.0250° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।