30 अप्रैल 2025 को चेन्नई का चौघड़िया

बुधवार, 30 अप्रैल 2025, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 30 अप्रैल 2025 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (14:12 तक), नक्षत्र रोहिणी (16:18 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:23
रात 05:48 तक
तिथि
तृतीया, 14:12 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रोहिणी, 16:18 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:48 – 07:22शुभ
अमृत07:22 – 08:57शुभ
काल08:57 – 10:31टालें
शुभ10:31 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:40टालें
उद्वेग13:40 – 15:15टालें
चर15:15 – 16:49सामान्य
लाभ16:49 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:23 – 19:49टालें
शुभ19:49 – 21:14शुभ
अमृत21:14 – 22:40शुभ
चर22:40 – 00:05सामान्य
रोग00:05 – 01:31टालें
काल01:31 – 02:57टालें
लाभ02:57 – 04:22शुभ
उद्वेग04:22 – 05:48टालें

30 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:12 तक
शुक्ल चतुर्थी 11:24, 1 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:18 तक
मृगशिरा 14:20, 1 मई तक
योग
शोभन 12:01 तक
अतिगंडअशुभ 08:34, 1 मई तक
करण
गर 14:12 तक
वणिज 00:43, 1 मई तक
विष्टि (भद्रा) 11:24, 1 मई तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:14, 1 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
07:49
चंद्रास्त
21:18
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:40
यमगंड
07:22 – 08:57
गुलिक काल
10:31 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4806:51दिन
चंद्र06:5107:54दिन
शनि07:5408:57दिन
गुरु08:5710:00दिन
मंगल10:0011:03दिन
सूर्य11:0312:06दिन
शुक्र12:0613:09दिन
बुध13:0914:12दिन
चंद्र14:1215:15दिन
शनि15:1516:17दिन
गुरु16:1717:20दिन
मंगल17:2018:23दिन
सूर्य18:2319:20रात
शुक्र19:2020:17रात
बुध20:1721:14रात
चंद्र21:1422:11रात
शनि22:1123:08रात
गुरु23:0800:05रात
मंगल00:0501:03रात
सूर्य01:0302:00रात
शुक्र02:0002:57रात
बुध02:5703:54रात
चंद्र03:5404:51रात
शनि04:5105:48रात

अयनांश 24.2109° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।