31 मई 2025 को चेन्नई का चौघड़िया

शनिवार, 31 मई 2025, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 31 मई 2025 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (20:15 तक), नक्षत्र पुष्य (21:07 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 08:54 से 10:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:31
रात 05:41 तक
तिथि
पंचमी, 20:15 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पुष्य, 21:07 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:41 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:54शुभ
रोग08:54 – 10:30टालें
उद्वेग10:30 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:42सामान्य
लाभ13:42 – 15:19शुभ
अमृत15:19 – 16:55शुभ
काल16:55 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:31 – 19:55शुभ
उद्वेग19:55 – 21:19टालें
शुभ21:19 – 22:42शुभ
अमृत22:42 – 00:06शुभ
चर00:06 – 01:30सामान्य
रोग01:30 – 02:54टालें
काल02:54 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:41शुभ

31 मई 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 20:15 तक
शुक्ल षष्ठी 20:00, 1 जून तक
नक्षत्र
पुष्य 21:07 तक
आश्लेषा 21:36, 1 जून तक
योग
वृद्धि 10:43 तक
ध्रुव 09:11, 1 जून तक
करण
बव 08:43 तक
बालव 20:15 तक
कौलव 08:01, 1 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
09:42
चंद्रास्त
22:51
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:54 – 10:30
यमगंड
13:42 – 15:19
गुलिक काल
05:41 – 07:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4106:45दिन
गुरु06:4507:49दिन
मंगल07:4908:54दिन
सूर्य08:5409:58दिन
शुक्र09:5811:02दिन
बुध11:0212:06दिन
चंद्र12:0613:10दिन
शनि13:1014:15दिन
गुरु14:1515:19दिन
मंगल15:1916:23दिन
सूर्य16:2317:27दिन
शुक्र17:2718:31दिन
बुध18:3119:27रात
चंद्र19:2720:23रात
शनि20:2321:19रात
गुरु21:1922:15रात
मंगल22:1523:10रात
सूर्य23:1000:06रात
शुक्र00:0601:02रात
बुध01:0201:58रात
चंद्र01:5802:54रात
शनि02:5403:49रात
गुरु03:4904:45रात
मंगल04:4505:41रात

अयनांश 24.2120° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।