10 जून 2025 को चेन्नई का चौघड़िया

मंगलवार, 10 जून 2025, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 10 जून 2025 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (11:36 तक), नक्षत्र अनुराधा (18:01 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 15:21 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:34
रात 05:42 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:36 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
अनुराधा, 18:01 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:41 – 07:18टालें
उद्वेग07:18 – 08:55टालें
चर08:55 – 10:31सामान्य
लाभ10:31 – 12:08शुभ
अमृत12:08 – 13:45शुभ
काल13:45 – 15:21टालें
शुभ15:21 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:34 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:21शुभ
उद्वेग21:21 – 22:45टालें
शुभ22:45 – 00:08शुभ
अमृत00:08 – 01:31शुभ
चर01:31 – 02:55सामान्य
रोग02:55 – 04:18टालें
काल04:18 – 05:42टालें

10 जून 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 11:36 तक
पूर्णिमा 13:13, 11 जून तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 20:10, 11 जून तक
योग
सिद्ध 13:44 तक
साध्य 14:03, 11 जून तक
करण
वणिज 11:36 तक
विष्टि (भद्रा) 00:27, 11 जून तक
बव 13:13, 11 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
17:53
चंद्रास्त
04:33
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
15:21 – 16:58
यमगंड
08:55 – 10:31
गुलिक काल
12:08 – 13:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4106:46दिन
सूर्य06:4607:50दिन
शुक्र07:5008:55दिन
बुध08:5509:59दिन
चंद्र09:5911:03दिन
शनि11:0312:08दिन
गुरु12:0813:12दिन
मंगल13:1214:17दिन
सूर्य14:1715:21दिन
शुक्र15:2116:26दिन
बुध16:2617:30दिन
चंद्र17:3018:34दिन
शनि18:3419:30रात
गुरु19:3020:26रात
मंगल20:2621:21रात
सूर्य21:2122:17रात
शुक्र22:1723:12रात
बुध23:1200:08रात
चंद्र00:0801:04रात
शनि01:0401:59रात
गुरु01:5902:55रात
मंगल02:5503:50रात
सूर्य03:5004:46रात
शुक्र04:4605:42रात

अयनांश 24.2124° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।