24 जनवरी 2050 को चेन्नई का चौघड़िया

सोमवार, 24 जनवरी 2050, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 जनवरी 2050 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (06:36 तक), नक्षत्र श्रवण (09:13 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:06
रात 06:35 तक
तिथि
द्वितीया, 02:48 तक
तृतीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 06:12 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2050 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:35 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:28टालें
शुभ09:28 – 10:54शुभ
रोग10:54 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:47टालें
चर13:47 – 15:13सामान्य
लाभ15:13 – 16:39शुभ
अमृत16:39 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:06 – 19:39सामान्य
रोग19:39 – 21:13टालें
काल21:13 – 22:47टालें
लाभ22:47 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:35सामान्य

24 जनवरी 2050 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 06:36 तक
शुक्ल द्वितीया 02:48, 25 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 23:15, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:13 तक
धनिष्ठा 06:12, 25 जन॰ तक
शतभिषा 03:27, 26 जन॰ तक
योग
सिद्धि 09:33 तक
व्यतीपातअशुभ 05:13, 25 जन॰ तक
वरीयान 01:06, 26 जन॰ तक
करण
बव 06:36 तक
बालव 16:41 तक
कौलव 02:48, 25 जन॰ तक
तैतिल 12:59, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 19:41 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
07:16
चंद्रास्त
19:23
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2106
शक संवत
1971, शुक्ल संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:28
यमगंड
10:54 – 12:20
गुलिक काल
13:47 – 15:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3507:33दिन
शनि07:3308:30दिन
गुरु08:3009:28दिन
मंगल09:2810:25दिन
सूर्य10:2511:23दिन
शुक्र11:2312:20दिन
बुध12:2013:18दिन
चंद्र13:1814:16दिन
शनि14:1615:13दिन
गुरु15:1316:11दिन
मंगल16:1117:08दिन
सूर्य17:0818:06दिन
शुक्र18:0619:08रात
बुध19:0820:11रात
चंद्र20:1121:13रात
शनि21:1322:16रात
गुरु22:1623:18रात
मंगल23:1800:20रात
सूर्य00:2001:23रात
शुक्र01:2302:25रात
बुध02:2503:28रात
चंद्र03:2804:30रात
शनि04:3005:33रात
गुरु05:3306:35रात

अयनांश 24.5565° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।