12 अक्टूबर 2026 को कूचबिहार का चौघड़िया

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, कूचबिहार, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कूचबिहार में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (22:13 तक), नक्षत्र स्वाति (23:52 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 06:56 से 08:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:07
रात 05:30 तक
तिथि
द्वितीया, 22:13 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 23:52 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:29 – 06:56शुभ
काल06:56 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:51शुभ
रोग09:51 – 11:18टालें
उद्वेग11:18 – 12:45टालें
चर12:45 – 14:13सामान्य
लाभ14:13 – 15:40शुभ
अमृत15:40 – 17:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:07 – 18:40सामान्य
रोग18:40 – 20:13टालें
काल20:13 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:18शुभ
उद्वेग23:18 – 00:51टालें
शुभ00:51 – 02:24शुभ
अमृत02:24 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:30सामान्य

12 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 22:13 तक
शुक्ल तृतीया 23:28, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 23:52 तक
विशाखा 01:43, 14 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:32 तक
प्रीति 20:23, 13 अक्टू॰ तक
करण
बालव 09:48 तक
कौलव 22:13 तक
तैतिल 10:46, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
06:52
चंद्रास्त
17:54
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
06:56 – 08:24
यमगंड
09:51 – 11:18
गुलिक काल
12:45 – 14:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2906:27दिन
शनि06:2707:25दिन
गुरु07:2508:24दिन
मंगल08:2409:22दिन
सूर्य09:2210:20दिन
शुक्र10:2011:18दिन
बुध11:1812:16दिन
चंद्र12:1613:14दिन
शनि13:1414:13दिन
गुरु14:1315:11दिन
मंगल15:1116:09दिन
सूर्य16:0917:07दिन
शुक्र17:0718:09रात
बुध18:0919:11रात
चंद्र19:1120:13रात
शनि20:1321:15रात
गुरु21:1522:16रात
मंगल22:1623:18रात
सूर्य23:1800:20रात
शुक्र00:2001:22रात
बुध01:2202:24रात
चंद्र02:2403:26रात
शनि03:2604:28रात
गुरु04:2805:30रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय कूचबिहार (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।