10 जनवरी 2029 को कटक का चौघड़िया

बुधवार, 10 जनवरी 2029, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 जनवरी 2029 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:56, 11 जन॰ तक), नक्षत्र विशाखा (15:45 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:23
रात 06:24 तक
तिथि
एकादशी, 00:56 तक
द्वादशी
नक्षत्र
विशाखा, 15:45 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:24 – 07:46शुभ
अमृत07:46 – 09:09शुभ
काल09:09 – 10:31टालें
शुभ10:31 – 11:54शुभ
रोग11:54 – 13:16टालें
उद्वेग13:16 – 14:38टालें
चर14:38 – 16:01सामान्य
लाभ16:01 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:23 – 19:01टालें
शुभ19:01 – 20:38शुभ
अमृत20:38 – 22:16शुभ
चर22:16 – 23:54सामान्य
रोग23:54 – 01:31टालें
काल01:31 – 03:09टालें
लाभ03:09 – 04:47शुभ
उद्वेग04:47 – 06:24टालें

10 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:56, 11 जन॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:50, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 15:45 तक
अनुराधा 15:10, 11 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 16:31 तक
गंडअशुभ 14:19, 11 जन॰ तक
करण
बव 13:36 तक
बालव 00:56, 11 जन॰ तक
कौलव 12:21, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 09:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
02:07
चंद्रास्त
13:20
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:16 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:16
यमगंड
07:46 – 09:09
गुलिक काल
10:31 – 11:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2407:19दिन
चंद्र07:1908:14दिन
शनि08:1409:09दिन
गुरु09:0910:04दिन
मंगल10:0410:59दिन
सूर्य10:5911:54दिन
शुक्र11:5412:48दिन
बुध12:4813:43दिन
चंद्र13:4314:38दिन
शनि14:3815:33दिन
गुरु15:3316:28दिन
मंगल16:2817:23दिन
सूर्य17:2318:28रात
शुक्र18:2819:33रात
बुध19:3320:38रात
चंद्र20:3821:43रात
शनि21:4322:49रात
गुरु22:4923:54रात
मंगल23:5400:59रात
सूर्य00:5902:04रात
शुक्र02:0403:09रात
बुध03:0904:14रात
चंद्र04:1405:19रात
शनि05:1906:24रात

अयनांश 24.2625° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।