31 अक्टूबर 2029 को कटक का चौघड़िया

बुधवार, 31 अक्टूबर 2029, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 31 अक्टूबर 2029 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (04:03, 1 नव॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (23:37 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 11:29 से 12:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 17:11
रात 05:48 तक
तिथि
नवमी, 04:03 तक
दशमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 23:37 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:47 – 07:13शुभ
अमृत07:13 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:04टालें
शुभ10:04 – 11:29शुभ
रोग11:29 – 12:55टालें
उद्वेग12:55 – 14:20टालें
चर14:20 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:11 – 18:46टालें
शुभ18:46 – 20:21शुभ
अमृत20:21 – 21:55शुभ
चर21:55 – 23:30सामान्य
रोग23:30 – 01:04टालें
काल01:04 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 04:13शुभ
उद्वेग04:13 – 05:48टालें

31 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 04:03, 1 नव॰ तक
कृष्ण दशमी 02:22, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:47, 1 नव॰ तक
योग
शुभ 10:55 तक
शुक्ल 08:54, 1 नव॰ तक
करण
तैतिल 16:35 तक
गर 04:03, 1 नव॰ तक
वणिज 15:18, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 23:37 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:41
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:29 – 12:55
यमगंड
07:13 – 08:38
गुलिक काल
10:04 – 11:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4706:44दिन
चंद्र06:4407:41दिन
शनि07:4108:38दिन
गुरु08:3809:35दिन
मंगल09:3510:32दिन
सूर्य10:3211:29दिन
शुक्र11:2912:26दिन
बुध12:2613:23दिन
चंद्र13:2314:20दिन
शनि14:2015:17दिन
गुरु15:1716:14दिन
मंगल16:1417:11दिन
सूर्य17:1118:14रात
शुक्र18:1419:18रात
बुध19:1820:21रात
चंद्र20:2121:24रात
शनि21:2422:27रात
गुरु22:2723:30रात
मंगल23:3000:33रात
सूर्य00:3301:36रात
शुक्र01:3602:39रात
बुध02:3903:42रात
चंद्र03:4204:45रात
शनि04:4505:48रात

अयनांश 24.2738° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।