6 सितंबर 2028 को दावणगेरे का चौघड़िया

बुधवार, 6 सितंबर 2028, दावणगेरे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 सितंबर 2028 को दावणगेरे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:09 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (15:49 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 12:24 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:34
रात 06:14 तक
तिथि
द्वितीया, 10:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 15:49 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:14 – 07:47शुभ
अमृत07:47 – 09:19शुभ
काल09:19 – 10:51टालें
शुभ10:51 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:29टालें
चर15:29 – 17:01सामान्य
लाभ17:01 – 18:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:34 – 20:01टालें
शुभ20:01 – 21:29शुभ
अमृत21:29 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:24सामान्य
रोग00:24 – 01:52टालें
काल01:52 – 03:19टालें
लाभ03:19 – 04:47शुभ
उद्वेग04:47 – 06:14टालें

6 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:09 तक
कृष्ण तृतीया 12:26, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 18:36, 7 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 04:04, 7 सित॰ तक
वृद्धि 04:46, 8 सित॰ तक
करण
गर 10:09 तक
वणिज 23:19 तक
विष्टि (भद्रा) 12:26, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
19:51
चंद्रास्त
07:48
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:49 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:24 – 13:56
यमगंड
07:47 – 09:19
गुलिक काल
10:51 – 12:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1407:16दिन
चंद्र07:1608:17दिन
शनि08:1709:19दिन
गुरु09:1910:21दिन
मंगल10:2111:22दिन
सूर्य11:2212:24दिन
शुक्र12:2413:26दिन
बुध13:2614:27दिन
चंद्र14:2715:29दिन
शनि15:2916:30दिन
गुरु16:3017:32दिन
मंगल17:3218:34दिन
सूर्य18:3419:32रात
शुक्र19:3220:30रात
बुध20:3021:29रात
चंद्र21:2922:27रात
शनि22:2723:26रात
गुरु23:2600:24रात
मंगल00:2401:22रात
सूर्य01:2202:21रात
शुक्र02:2103:19रात
बुध03:1904:17रात
चंद्र04:1705:16रात
शनि05:1606:14रात

अयनांश 24.2577° (लाहिड़ी)। समय दावणगेरे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।