18 सितंबर 2025 को देहरादून का चौघड़िया

गुरुवार, 18 सितंबर 2025, देहरादून, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 18 सितंबर 2025 को देहरादून में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:25 तक), नक्षत्र पुष्य (06:32 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:19
रात 06:04 तक
तिथि
द्वादशी, 23:25 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:03 – 07:35शुभ
रोग07:35 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:39टालें
चर10:39 – 12:11सामान्य
लाभ12:11 – 13:43शुभ
अमृत13:43 – 15:15शुभ
काल15:15 – 16:47टालें
शुभ16:47 – 18:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:19 – 19:47शुभ
चर19:47 – 21:15सामान्य
रोग21:15 – 22:43टालें
काल22:43 – 00:12टालें
लाभ00:12 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 06:04शुभ

18 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:25 तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:37, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 06:32 तक
आश्लेषा 07:05, 19 सित॰ तक
योग
शिव 21:37 तक
सिद्ध 20:41, 19 सित॰ तक
करण
कौलव 11:29 तक
तैतिल 23:25 तक
गर 11:27, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
02:25
चंद्रास्त
16:30
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:15
यमगंड
06:03 – 07:35
गुलिक काल
09:07 – 10:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0307:05दिन
मंगल07:0508:06दिन
सूर्य08:0609:07दिन
शुक्र09:0710:09दिन
बुध10:0911:10दिन
चंद्र11:1012:11दिन
शनि12:1113:13दिन
गुरु13:1314:14दिन
मंगल14:1415:15दिन
सूर्य15:1516:16दिन
शुक्र16:1617:18दिन
बुध17:1818:19दिन
चंद्र18:1919:18रात
शनि19:1820:17रात
गुरु20:1721:15रात
मंगल21:1522:14रात
सूर्य22:1423:13रात
शुक्र23:1300:12रात
बुध00:1201:10रात
चंद्र01:1002:09रात
शनि02:0903:08रात
गुरु03:0804:07रात
मंगल04:0705:05रात
सूर्य05:0506:04रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय देहरादून (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।