25 अक्टूबर 2025 को देहरादून का चौघड़िया

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025, देहरादून, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को देहरादून में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (03:48, 26 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:51 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 09:14 से 10:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 17:36
रात 06:27 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:48 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:26 – 07:50टालें
शुभ07:50 – 09:14शुभ
रोग09:14 – 10:38टालें
उद्वेग10:38 – 12:01टालें
चर12:01 – 13:25सामान्य
लाभ13:25 – 14:49शुभ
अमृत14:49 – 16:12शुभ
काल16:12 – 17:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:36 – 19:13शुभ
उद्वेग19:13 – 20:49टालें
शुभ20:49 – 22:25शुभ
अमृत22:25 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:38सामान्य
रोग01:38 – 03:14टालें
काल03:14 – 04:51टालें
लाभ04:51 – 06:27शुभ

25 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 03:48, 26 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 06:05, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 10:46, 26 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 06:45, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:35 तक
विष्टि (भद्रा) 03:48, 26 अक्टू॰ तक
बव 16:59, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
09:51
चंद्रास्त
19:48
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
09:14 – 10:38
यमगंड
13:25 – 14:49
गुलिक काल
06:26 – 07:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2607:22दिन
गुरु07:2208:18दिन
मंगल08:1809:14दिन
सूर्य09:1410:10दिन
शुक्र10:1011:05दिन
बुध11:0512:01दिन
चंद्र12:0112:57दिन
शनि12:5713:53दिन
गुरु13:5314:49दिन
मंगल14:4915:45दिन
सूर्य15:4516:40दिन
शुक्र16:4017:36दिन
बुध17:3618:40रात
चंद्र18:4019:45रात
शनि19:4520:49रात
गुरु20:4921:53रात
मंगल21:5322:57रात
सूर्य22:5700:02रात
शुक्र00:0201:06रात
बुध01:0602:10रात
चंद्र02:1003:14रात
शनि03:1404:19रात
गुरु04:1905:23रात
मंगल05:2306:27रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय देहरादून (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।