6 मार्च 2025 को धनबाद का चौघड़िया

गुरुवार, 6 मार्च 2025, धनबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 मार्च 2025 को धनबाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:51 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:05, 7 मार्च तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:24 से 14:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:49
रात 06:00 तक
तिथि
सप्तमी, 10:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 00:05 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:01 – 07:30शुभ
रोग07:30 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:27टालें
चर10:27 – 11:55सामान्य
लाभ11:55 – 13:24शुभ
अमृत13:24 – 14:52शुभ
काल14:52 – 16:21टालें
शुभ16:21 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:20शुभ
चर19:20 – 20:52सामान्य
रोग20:52 – 22:23टालें
काल22:23 – 23:55टालें
लाभ23:55 – 01:26शुभ
उद्वेग01:26 – 02:58टालें
शुभ02:58 – 04:29शुभ
अमृत04:29 – 06:00शुभ

6 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:51 तक
शुक्ल अष्टमी 09:19, 7 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:05, 7 मार्च तक
मृगशिरा 23:32, 7 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:29 तक
प्रीति 18:14, 7 मार्च तक
करण
वणिज 10:51 तक
विष्टि (भद्रा) 22:01 तक
बव 09:19, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
10:25
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 14:52
यमगंड
06:01 – 07:30
गुलिक काल
08:58 – 10:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0107:00दिन
मंगल07:0007:59दिन
सूर्य07:5908:58दिन
शुक्र08:5809:57दिन
बुध09:5710:56दिन
चंद्र10:5611:55दिन
शनि11:5512:54दिन
गुरु12:5413:53दिन
मंगल13:5314:52दिन
सूर्य14:5215:51दिन
शुक्र15:5116:50दिन
बुध16:5017:49दिन
चंद्र17:4918:50रात
शनि18:5019:51रात
गुरु19:5120:52रात
मंगल20:5221:53रात
सूर्य21:5322:54रात
शुक्र22:5423:55रात
बुध23:5500:56रात
चंद्र00:5601:57रात
शनि01:5702:58रात
गुरु02:5803:59रात
मंगल03:5905:00रात
सूर्य05:0006:00रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय धनबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।