3 सितंबर 2025 को धनबाद का चौघड़िया

बुधवार, 3 सितंबर 2025, धनबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 सितंबर 2025 को धनबाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (04:22, 4 सित॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:08 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 11:43 से 13:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:00
रात 05:27 तक
तिथि
एकादशी, 04:22 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:08 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:26 – 07:00शुभ
अमृत07:00 – 08:35शुभ
काल08:35 – 10:09टालें
शुभ10:09 – 11:43शुभ
रोग11:43 – 13:17टालें
उद्वेग13:17 – 14:51टालें
चर14:51 – 16:26सामान्य
लाभ16:26 – 18:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:00 – 19:26टालें
शुभ19:26 – 20:51शुभ
अमृत20:51 – 22:17शुभ
चर22:17 – 23:43सामान्य
रोग23:43 – 01:09टालें
काल01:09 – 02:35टालें
लाभ02:35 – 04:01शुभ
उद्वेग04:01 – 05:27टालें

3 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 04:22, 4 सित॰ तक
शुक्ल द्वादशी 04:08, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:44, 4 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 16:17 तक
सौभाग्य 15:21, 4 सित॰ तक
करण
वणिज 16:13 तक
विष्टि (भद्रा) 04:22, 4 सित॰ तक
बव 16:20, 4 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 05:21, 4 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
15:00
चंद्रास्त
00:41
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:08 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:43 – 13:17
यमगंड
07:00 – 08:35
गुलिक काल
10:09 – 11:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2606:29दिन
चंद्र06:2907:32दिन
शनि07:3208:35दिन
गुरु08:3509:37दिन
मंगल09:3710:40दिन
सूर्य10:4011:43दिन
शुक्र11:4312:46दिन
बुध12:4613:49दिन
चंद्र13:4914:51दिन
शनि14:5115:54दिन
गुरु15:5416:57दिन
मंगल16:5718:00दिन
सूर्य18:0018:57रात
शुक्र18:5719:54रात
बुध19:5420:51रात
चंद्र20:5121:49रात
शनि21:4922:46रात
गुरु22:4623:43रात
मंगल23:4300:40रात
सूर्य00:4001:38रात
शुक्र01:3802:35रात
बुध02:3503:32रात
चंद्र03:3204:29रात
शनि04:2905:27रात

अयनांश 24.2157° (लाहिड़ी)। समय धनबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।