4 सितंबर 2025 को धनबाद का चौघड़िया

गुरुवार, 4 सितंबर 2025, धनबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को धनबाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (04:08, 5 सित॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:44 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 13:17 से 14:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:59
रात 05:27 तक
तिथि
द्वादशी, 04:08 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:44 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:27 – 07:01शुभ
रोग07:01 – 08:35टालें
उद्वेग08:35 – 10:09टालें
चर10:09 – 11:43सामान्य
लाभ11:43 – 13:17शुभ
अमृत13:17 – 14:51शुभ
काल14:51 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:59 – 19:25शुभ
चर19:25 – 20:51सामान्य
रोग20:51 – 22:17टालें
काल22:17 – 23:43टालें
लाभ23:43 – 01:09शुभ
उद्वेग01:09 – 02:35टालें
शुभ02:35 – 04:01शुभ
अमृत04:01 – 05:27शुभ

4 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 04:08, 5 सित॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 03:13, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:38, 5 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 15:21 तक
शोभन 13:52, 5 सित॰ तक
करण
बव 16:20 तक
बालव 04:08, 5 सित॰ तक
कौलव 15:46, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
15:46
चंद्रास्त
01:40
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
13:17 – 14:51
यमगंड
05:27 – 07:01
गुलिक काल
08:35 – 10:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2706:29दिन
मंगल06:2907:32दिन
सूर्य07:3208:35दिन
शुक्र08:3509:37दिन
बुध09:3710:40दिन
चंद्र10:4011:43दिन
शनि11:4312:45दिन
गुरु12:4513:48दिन
मंगल13:4814:51दिन
सूर्य14:5115:53दिन
शुक्र15:5316:56दिन
बुध16:5617:59दिन
चंद्र17:5918:56रात
शनि18:5619:53रात
गुरु19:5320:51रात
मंगल20:5121:48रात
सूर्य21:4822:45रात
शुक्र22:4523:43रात
बुध23:4300:40रात
चंद्र00:4001:38रात
शनि01:3802:35रात
गुरु02:3503:32रात
मंगल03:3204:30रात
सूर्य04:3005:27रात

अयनांश 24.2157° (लाहिड़ी)। समय धनबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।