30 मार्च 2025 को दोहा का चौघड़िया

रविवार, 30 मार्च 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 30 मार्च 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (10:19 तक), नक्षत्र रेवती (14:05 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 16:16 से 17:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:49
रात 05:26 तक
तिथि
प्रतिपदा, 10:19 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रेवती, 14:05 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:27 – 07:00टालें
चर07:00 – 08:32सामान्य
लाभ08:32 – 10:05शुभ
अमृत10:05 – 11:38शुभ
काल11:38 – 13:11टालें
शुभ13:11 – 14:43शुभ
रोग14:43 – 16:16टालें
उद्वेग16:16 – 17:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:49 – 19:16शुभ
अमृत19:16 – 20:43शुभ
चर20:43 – 22:10सामान्य
रोग22:10 – 23:37टालें
काल23:37 – 01:05टालें
लाभ01:05 – 02:32शुभ
उद्वेग02:32 – 03:59टालें
शुभ03:59 – 05:26शुभ

30 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 10:19 तक
शुक्ल द्वितीया 06:41, 31 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 14:05 तक
अश्विनी 11:15, 31 मार्च तक
योग
इंद्र 15:23 तक
वैधृतिअशुभ 11:15, 31 मार्च तक
करण
बव 10:19 तक
बालव 20:30 तक
कौलव 06:41, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 14:05 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
05:53
चंद्रास्त
19:02
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:03

अशुभ समय

राहुकाल
16:16 – 17:49
यमगंड
11:38 – 13:11
गुलिक काल
14:43 – 16:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2706:29दिन
शुक्र06:2907:31दिन
बुध07:3108:32दिन
चंद्र08:3209:34दिन
शनि09:3410:36दिन
गुरु10:3611:38दिन
मंगल11:3812:40दिन
सूर्य12:4013:42दिन
शुक्र13:4214:43दिन
बुध14:4315:45दिन
चंद्र15:4516:47दिन
शनि16:4717:49दिन
गुरु17:4918:47रात
मंगल18:4719:45रात
सूर्य19:4520:43रात
शुक्र20:4321:41रात
बुध21:4122:39रात
चंद्र22:3923:37रात
शनि23:3700:36रात
गुरु00:3601:34रात
मंगल01:3402:32रात
सूर्य02:3203:30रात
शुक्र03:3004:28रात
बुध04:2805:26रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।