31 मार्च 2025 को दोहा का चौघड़िया

सोमवार, 31 मार्च 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 31 मार्च 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (06:41 तक), नक्षत्र अश्विनी (11:15 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 06:59 से 08:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 17:49
रात 05:25 तक
तिथि
तृतीया, 03:12 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अश्विनी, 11:15 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:26 – 06:59शुभ
काल06:59 – 08:32टालें
शुभ08:32 – 10:05शुभ
रोग10:05 – 11:38टालें
उद्वेग11:38 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:44सामान्य
लाभ14:44 – 16:16शुभ
अमृत16:16 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:49 – 19:16सामान्य
रोग19:16 – 20:43टालें
काल20:43 – 22:10टालें
लाभ22:10 – 23:37शुभ
उद्वेग23:37 – 01:04टालें
शुभ01:04 – 02:31शुभ
अमृत02:31 – 03:58शुभ
चर03:58 – 05:25सामान्य

31 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 06:41 तक
शुक्ल तृतीया 03:12, 1 अप्रैल तक
शुक्ल चतुर्थी 00:02, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 08:36, 1 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 11:15 तक
विष्कंभअशुभ 07:18, 1 अप्रैल तक
करण
कौलव 06:41 तक
तैतिल 16:55 तक
गर 03:12, 1 अप्रैल तक
वणिज 13:35, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
20:11
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
06:59 – 08:32
यमगंड
10:05 – 11:38
गुलिक काल
13:11 – 14:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2606:28दिन
शनि06:2807:30दिन
गुरु07:3008:32दिन
मंगल08:3209:34दिन
सूर्य09:3410:36दिन
शुक्र10:3611:38दिन
बुध11:3812:40दिन
चंद्र12:4013:42दिन
शनि13:4214:44दिन
गुरु14:4415:46दिन
मंगल15:4616:47दिन
सूर्य16:4717:49दिन
शुक्र17:4918:47रात
बुध18:4719:45रात
चंद्र19:4520:43रात
शनि20:4321:41रात
गुरु21:4122:39रात
मंगल22:3923:37रात
सूर्य23:3700:35रात
शुक्र00:3501:33रात
बुध01:3302:31रात
चंद्र02:3103:29रात
शनि03:2904:27रात
गुरु04:2705:25रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।