9 सितंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

मंगलवार, 9 सितंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (15:37 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 14:37 से 16:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 17:44
रात 05:17 तक
तिथि
द्वितीया, 15:59 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 15:37 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:17 – 06:50टालें
उद्वेग06:50 – 08:24टालें
चर08:24 – 09:57सामान्य
लाभ09:57 – 11:30शुभ
अमृत11:30 – 13:04शुभ
काल13:04 – 14:37टालें
शुभ14:37 – 16:11शुभ
रोग16:11 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:44 – 19:11टालें
लाभ19:11 – 20:37शुभ
उद्वेग20:37 – 22:04टालें
शुभ22:04 – 23:31शुभ
अमृत23:31 – 00:57शुभ
चर00:57 – 02:24सामान्य
रोग02:24 – 03:51टालें
काल03:51 – 05:17टालें

9 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:59 तक
कृष्ण तृतीया 13:08, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 13:33, 10 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 21:28 तक
वृद्धि 18:01, 10 सित॰ तक
करण
तैतिल 05:22 तक
गर 15:59 तक
वणिज 02:34, 10 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:08, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
18:49
चंद्रास्त
06:43
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:37 – 16:11
यमगंड
08:24 – 09:57
गुलिक काल
11:30 – 13:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1706:19दिन
सूर्य06:1907:22दिन
शुक्र07:2208:24दिन
बुध08:2409:26दिन
चंद्र09:2610:28दिन
शनि10:2811:30दिन
गुरु11:3012:33दिन
मंगल12:3313:35दिन
सूर्य13:3514:37दिन
शुक्र14:3715:39दिन
बुध15:3916:42दिन
चंद्र16:4217:44दिन
शनि17:4418:42रात
गुरु18:4219:39रात
मंगल19:3920:37रात
सूर्य20:3721:35रात
शुक्र21:3522:33रात
बुध22:3323:31रात
चंद्र23:3100:28रात
शनि00:2801:26रात
गुरु01:2602:24रात
मंगल02:2403:22रात
सूर्य03:2204:20रात
शुक्र04:2005:17रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।