10 सितंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 10 सितंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 10 सितंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (13:08 तक), नक्षत्र रेवती (13:33 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 11:30 से 13:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 17:43
रात 05:18 तक
तिथि
तृतीया, 13:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 13:33 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:17 – 06:51शुभ
अमृत06:51 – 08:24शुभ
काल08:24 – 09:57टालें
शुभ09:57 – 11:30शुभ
रोग11:30 – 13:03टालें
उद्वेग13:03 – 14:36टालें
चर14:36 – 16:10सामान्य
लाभ16:10 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:43 – 19:10टालें
शुभ19:10 – 20:37शुभ
अमृत20:37 – 22:03शुभ
चर22:03 – 23:30सामान्य
रोग23:30 – 00:57टालें
काल00:57 – 02:24टालें
लाभ02:24 – 03:51शुभ
उद्वेग03:51 – 05:18टालें

10 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 13:08 तक
कृष्ण चतुर्थी 10:16, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 13:33 तक
अश्विनी 11:28, 11 सित॰ तक
योग
वृद्धि 18:01 तक
ध्रुव 14:34, 11 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:08 तक
बव 23:41 तक
बालव 10:16, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 13:33 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
19:26
चंद्रास्त
07:47
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:30 – 13:03
यमगंड
06:51 – 08:24
गुलिक काल
09:57 – 11:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1706:20दिन
चंद्र06:2007:22दिन
शनि07:2208:24दिन
गुरु08:2409:26दिन
मंगल09:2610:28दिन
सूर्य10:2811:30दिन
शुक्र11:3012:32दिन
बुध12:3213:34दिन
चंद्र13:3414:36दिन
शनि14:3615:39दिन
गुरु15:3916:41दिन
मंगल16:4117:43दिन
सूर्य17:4318:41रात
शुक्र18:4119:39रात
बुध19:3920:37रात
चंद्र20:3721:34रात
शनि21:3422:32रात
गुरु22:3223:30रात
मंगल23:3000:28रात
सूर्य00:2801:26रात
शुक्र01:2602:24रात
बुध02:2403:22रात
चंद्र03:2204:20रात
शनि04:2005:18रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।