15 अक्टूबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 15 अक्टूबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (08:04 तक), नक्षत्र पुष्य (09:30 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 17:06 पर है। राहुकाल 11:19 से 12:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 17:06
रात 05:32 तक
तिथि
नवमी, 08:04 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य, 09:30 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:32 – 06:59शुभ
अमृत06:59 – 08:25शुभ
काल08:25 – 09:52टालें
शुभ09:52 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:46टालें
उद्वेग12:46 – 14:13टालें
चर14:13 – 15:39सामान्य
लाभ15:39 – 17:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:06 – 18:39टालें
शुभ18:39 – 20:13शुभ
अमृत20:13 – 21:46शुभ
चर21:46 – 23:19सामान्य
रोग23:19 – 00:52टालें
काल00:52 – 02:26टालें
लाभ02:26 – 03:59शुभ
उद्वेग03:59 – 05:32टालें

15 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 08:04 तक
कृष्ण दशमी 08:06, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 09:30 तक
आश्लेषा 10:12, 16 अक्टू॰ तक
योग
साध्य 00:27, 16 अक्टू॰ तक
शुभ 23:40, 16 अक्टू॰ तक
करण
गर 08:04 तक
वणिज 20:00 तक
विष्टि (भद्रा) 08:06, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:41
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:19 – 12:46
यमगंड
06:59 – 08:25
गुलिक काल
09:52 – 11:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3206:30दिन
चंद्र06:3007:28दिन
शनि07:2808:25दिन
गुरु08:2509:23दिन
मंगल09:2310:21दिन
सूर्य10:2111:19दिन
शुक्र11:1912:17दिन
बुध12:1713:15दिन
चंद्र13:1514:13दिन
शनि14:1315:10दिन
गुरु15:1016:08दिन
मंगल16:0817:06दिन
सूर्य17:0618:08रात
शुक्र18:0819:10रात
बुध19:1020:13रात
चंद्र20:1321:15रात
शनि21:1522:17रात
गुरु22:1723:19रात
मंगल23:1900:21रात
सूर्य00:2101:24रात
शुक्र01:2402:26रात
बुध02:2603:28रात
चंद्र03:2804:30रात
शनि04:3005:32रात

अयनांश 24.2173° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।