31 अक्टूबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (07:34 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (16:21 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 09:53 से 11:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 16:53
रात 05:41 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 16:21 तक
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:41 – 07:05सामान्य
लाभ07:05 – 08:29शुभ
अमृत08:29 – 09:53शुभ
काल09:53 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:41शुभ
रोग12:41 – 14:05टालें
उद्वेग14:05 – 15:29टालें
चर15:29 – 16:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:53 – 18:29टालें
काल18:29 – 20:05टालें
लाभ20:05 – 21:41शुभ
उद्वेग21:41 – 23:17टालें
शुभ23:17 – 00:53शुभ
अमृत00:53 – 02:29शुभ
चर02:29 – 04:05सामान्य
रोग04:05 – 05:41टालें

31 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 07:34 तक
शुक्ल दशमी 06:42, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:50, 1 नव॰ तक
योग
वृद्धि 02:01, 1 नव॰ तक
ध्रुव 23:39, 1 नव॰ तक
करण
कौलव 07:34 तक
तैतिल 19:14 तक
गर 06:42, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
13:27
चंद्रास्त
00:03
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
10:54 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
09:53 – 11:17
यमगंड
14:05 – 15:29
गुलिक काल
07:05 – 08:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4106:37दिन
बुध06:3707:33दिन
चंद्र07:3308:29दिन
शनि08:2909:25दिन
गुरु09:2510:21दिन
मंगल10:2111:17दिन
सूर्य11:1712:13दिन
शुक्र12:1313:09दिन
बुध13:0914:05दिन
चंद्र14:0515:01दिन
शनि15:0115:57दिन
गुरु15:5716:53दिन
मंगल16:5317:57रात
सूर्य17:5719:01रात
शुक्र19:0120:05रात
बुध20:0521:09रात
चंद्र21:0922:13रात
शनि22:1323:17रात
गुरु23:1700:21रात
मंगल00:2101:25रात
सूर्य01:2502:29रात
शुक्र02:2903:33रात
बुध03:3304:37रात
चंद्र04:3705:41रात

अयनांश 24.2179° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।