30 दिसंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (02:31, 31 दिस॰ तक), नक्षत्र भरणी (01:28, 31 दिस॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 14:15 से 15:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 16:54
रात 06:19 तक
तिथि
एकादशी, 02:31 तक
द्वादशी
नक्षत्र
भरणी, 01:28 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:18 – 07:38टालें
उद्वेग07:38 – 08:57टालें
चर08:57 – 10:17सामान्य
लाभ10:17 – 11:36शुभ
अमृत11:36 – 12:55शुभ
काल12:55 – 14:15टालें
शुभ14:15 – 15:34शुभ
रोग15:34 – 16:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:54 – 18:34टालें
लाभ18:34 – 20:15शुभ
उद्वेग20:15 – 21:55टालें
शुभ21:55 – 23:36शुभ
अमृत23:36 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:57सामान्य
रोग02:57 – 04:38टालें
काल04:38 – 06:19टालें

30 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 02:31, 31 दिस॰ तक
शुक्ल द्वादशी 23:18, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
भरणी 01:28, 31 दिस॰ तक
कृत्तिका 23:00, 31 दिस॰ तक
योग
सिद्ध 22:32 तक
साध्य 18:43, 31 दिस॰ तक
करण
वणिज 15:59 तक
विष्टि (भद्रा) 02:31, 31 दिस॰ तक
बव 12:56, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
12:55
चंद्रास्त
01:43
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:15 – 15:34
यमगंड
08:57 – 10:17
गुलिक काल
11:36 – 12:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1807:11दिन
सूर्य07:1108:04दिन
शुक्र08:0408:57दिन
बुध08:5709:50दिन
चंद्र09:5010:43दिन
शनि10:4311:36दिन
गुरु11:3612:29दिन
मंगल12:2913:22दिन
सूर्य13:2214:15दिन
शुक्र14:1515:08दिन
बुध15:0816:01दिन
चंद्र16:0116:54दिन
शनि16:5418:01रात
गुरु18:0119:08रात
मंगल19:0820:15रात
सूर्य20:1521:22रात
शुक्र21:2222:29रात
बुध22:2923:36रात
चंद्र23:3600:43रात
शनि00:4301:50रात
गुरु01:5002:57रात
मंगल02:5704:04रात
सूर्य04:0405:12रात
शुक्र05:1206:19रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।