31 दिसंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 31 दिसंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (23:18 तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:00 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 11:36 से 12:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 16:54
रात 06:19 तक
तिथि
द्वादशी, 23:18 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:00 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:19 – 07:38शुभ
अमृत07:38 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:36शुभ
रोग11:36 – 12:56टालें
उद्वेग12:56 – 14:15टालें
चर14:15 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 16:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:54 – 18:35टालें
शुभ18:35 – 20:15शुभ
अमृत20:15 – 21:56शुभ
चर21:56 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 01:17टालें
काल01:17 – 02:58टालें
लाभ02:58 – 04:38शुभ
उद्वेग04:38 – 06:19टालें

31 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 23:18 तक
शुक्ल त्रयोदशी 19:52, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:18, 1 जन॰ तक
योग
साध्य 18:43 तक
शुभ 14:42, 1 जन॰ तक
करण
बव 12:56 तक
बालव 23:18 तक
कौलव 09:36, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 06:53 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
13:44
चंद्रास्त
02:52
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:36 – 12:56
यमगंड
07:38 – 08:58
गुलिक काल
10:17 – 11:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1907:12दिन
चंद्र07:1208:05दिन
शनि08:0508:58दिन
गुरु08:5809:51दिन
मंगल09:5110:43दिन
सूर्य10:4311:36दिन
शुक्र11:3612:29दिन
बुध12:2913:22दिन
चंद्र13:2214:15दिन
शनि14:1515:08दिन
गुरु15:0816:01दिन
मंगल16:0116:54दिन
सूर्य16:5418:01रात
शुक्र18:0119:08रात
बुध19:0820:15रात
चंद्र20:1521:22रात
शनि21:2222:30रात
गुरु22:3023:37रात
मंगल23:3700:44रात
सूर्य00:4401:51रात
शुक्र01:5102:58रात
बुध02:5804:05रात
चंद्र04:0505:12रात
शनि05:1206:19रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।