25 फ़रवरी 2026 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (00:11, 26 फ़र॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (11:08 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:33
रात 05:59 तक
तिथि
नवमी, 00:11 तक
दशमी
नक्षत्र
रोहिणी, 11:08 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:00 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 08:53शुभ
काल08:53 – 10:20टालें
शुभ10:20 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:13टालें
उद्वेग13:13 – 14:40टालें
चर14:40 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:33 – 19:06टालें
शुभ19:06 – 20:40शुभ
अमृत20:40 – 22:13शुभ
चर22:13 – 23:46सामान्य
रोग23:46 – 01:19टालें
काल01:19 – 02:53टालें
लाभ02:53 – 04:26शुभ
उद्वेग04:26 – 05:59टालें

25 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 00:11, 26 फ़र॰ तक
शुक्ल दशमी 22:03, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:08 तक
मृगशिरा 09:41, 26 फ़र॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:58 तक
प्रीति 20:03, 26 फ़र॰ तक
करण
बालव 13:16 तक
कौलव 00:11, 26 फ़र॰ तक
तैतिल 11:07, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 22:24 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
11:19
चंद्रास्त
00:46
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:10 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:13
यमगंड
07:27 – 08:53
गुलिक काल
10:20 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0006:58दिन
चंद्र06:5807:56दिन
शनि07:5608:53दिन
गुरु08:5309:51दिन
मंगल09:5110:49दिन
सूर्य10:4911:47दिन
शुक्र11:4712:44दिन
बुध12:4413:42दिन
चंद्र13:4214:40दिन
शनि14:4015:38दिन
गुरु15:3816:35दिन
मंगल16:3517:33दिन
सूर्य17:3318:35रात
शुक्र18:3519:37रात
बुध19:3720:40रात
चंद्र20:4021:42रात
शनि21:4222:44रात
गुरु22:4423:46रात
मंगल23:4600:48रात
सूर्य00:4801:50रात
शुक्र01:5002:53रात
बुध02:5303:55रात
चंद्र03:5504:57रात
शनि04:5705:59रात

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।