25 नवंबर 2026 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 25 नवंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 25 नवंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:20 तक), नक्षत्र रोहिणी (18:06 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 11:20 से 12:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 16:43
रात 05:58 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:20 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी, 18:06 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:57 – 07:18शुभ
अमृत07:18 – 08:39शुभ
काल08:39 – 10:00टालें
शुभ10:00 – 11:20शुभ
रोग11:20 – 12:41टालें
उद्वेग12:41 – 14:02टालें
चर14:02 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:43 – 18:22टालें
शुभ18:22 – 20:02शुभ
अमृत20:02 – 21:41शुभ
चर21:41 – 23:21सामान्य
रोग23:21 – 01:00टालें
काल01:00 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 04:19शुभ
उद्वेग04:19 – 05:58टालें

25 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:20 तक
कृष्ण द्वितीया 10:45, 26 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 18:06 तक
मृगशिरा 15:17, 26 नव॰ तक
योग
शिव 09:29 तक
सिद्ध 05:19, 26 नव॰ तक
साध्य 01:14, 27 नव॰ तक
करण
कौलव 14:20 तक
तैतिल 00:32, 26 नव॰ तक
गर 10:45, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 04:41, 26 नव॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
17:21
चंद्रास्त
06:43
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:20 – 12:41
यमगंड
07:18 – 08:39
गुलिक काल
10:00 – 11:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5706:51दिन
चंद्र06:5107:45दिन
शनि07:4508:39दिन
गुरु08:3909:33दिन
मंगल09:3310:26दिन
सूर्य10:2611:20दिन
शुक्र11:2012:14दिन
बुध12:1413:08दिन
चंद्र13:0814:02दिन
शनि14:0214:55दिन
गुरु14:5515:49दिन
मंगल15:4916:43दिन
सूर्य16:4317:49रात
शुक्र17:4918:56रात
बुध18:5620:02रात
चंद्र20:0221:08रात
शनि21:0822:14रात
गुरु22:1423:21रात
मंगल23:2100:27रात
सूर्य00:2701:33रात
शुक्र01:3302:39रात
बुध02:3903:46रात
चंद्र03:4604:52रात
शनि04:5205:58रात

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।