22 सितंबर 2027 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 22 सितंबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 22 सितंबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (02:07, 23 सित॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (15:22 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 11:26 से 12:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:30
रात 05:22 तक
तिथि
सप्तमी, 02:07 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 15:22 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:22 – 06:53शुभ
अमृत06:53 – 08:24शुभ
काल08:24 – 09:55टालें
शुभ09:55 – 11:26शुभ
रोग11:26 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:28टालें
चर14:28 – 15:59सामान्य
लाभ15:59 – 17:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:30 – 18:59टालें
शुभ18:59 – 20:28शुभ
अमृत20:28 – 21:57शुभ
चर21:57 – 23:26सामान्य
रोग23:26 – 00:55टालें
काल00:55 – 02:24टालें
लाभ02:24 – 03:53शुभ
उद्वेग03:53 – 05:22टालें

22 सितंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 02:07, 23 सित॰ तक
कृष्ण अष्टमी 00:27, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 15:22 तक
मृगशिरा 14:37, 23 सित॰ तक
योग
सिद्धि 23:29 तक
व्यतीपातअशुभ 21:05, 23 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:48 तक
बव 02:07, 23 सित॰ तक
बालव 13:20, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:02, 23 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
21:54
चंद्रास्त
11:18
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:26 – 12:57
यमगंड
06:53 – 08:24
गुलिक काल
09:55 – 11:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2206:22दिन
चंद्र06:2207:23दिन
शनि07:2308:24दिन
गुरु08:2409:25दिन
मंगल09:2510:25दिन
सूर्य10:2511:26दिन
शुक्र11:2612:27दिन
बुध12:2713:27दिन
चंद्र13:2714:28दिन
शनि14:2815:29दिन
गुरु15:2916:30दिन
मंगल16:3017:30दिन
सूर्य17:3018:30रात
शुक्र18:3019:29रात
बुध19:2920:28रात
चंद्र20:2821:28रात
शनि21:2822:27रात
गुरु22:2723:26रात
मंगल23:2600:26रात
सूर्य00:2601:25रात
शुक्र01:2502:24रात
बुध02:2403:24रात
चंद्र03:2404:23रात
शनि04:2305:22रात

अयनांश 24.2443° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।