31 अक्टूबर 2027 को दोहा का चौघड़िया

रविवार, 31 अक्टूबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (14:43 तक), नक्षत्र विशाखा (07:01 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 15:29 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 16:53
रात 05:41 तक
तिथि
द्वितीया, 14:43 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:40 – 07:04टालें
चर07:04 – 08:29सामान्य
लाभ08:29 – 09:53शुभ
अमृत09:53 – 11:17शुभ
काल11:17 – 12:41टालें
शुभ12:41 – 14:05शुभ
रोग14:05 – 15:29टालें
उद्वेग15:29 – 16:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:53 – 18:29शुभ
अमृत18:29 – 20:05शुभ
चर20:05 – 21:41सामान्य
रोग21:41 – 23:17टालें
काल23:17 – 00:53टालें
लाभ00:53 – 02:29शुभ
उद्वेग02:29 – 04:05टालें
शुभ04:05 – 05:41शुभ

31 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 14:43 तक
शुक्ल तृतीया 14:45, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 07:01 तक
अनुराधा 07:27, 1 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 18:26 तक
शोभन 17:24, 1 नव॰ तक
करण
कौलव 14:43 तक
तैतिल 02:39, 1 नव॰ तक
गर 14:45, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
07:24
चंद्रास्त
18:05
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
10:54 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 16:53
यमगंड
11:17 – 12:41
गुलिक काल
14:05 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4006:36दिन
शुक्र06:3607:32दिन
बुध07:3208:29दिन
चंद्र08:2909:25दिन
शनि09:2510:21दिन
गुरु10:2111:17दिन
मंगल11:1712:13दिन
सूर्य12:1313:09दिन
शुक्र13:0914:05दिन
बुध14:0515:01दिन
चंद्र15:0115:57दिन
शनि15:5716:53दिन
गुरु16:5317:57रात
मंगल17:5719:01रात
सूर्य19:0120:05रात
शुक्र20:0521:09रात
बुध21:0922:13रात
चंद्र22:1323:17रात
शनि23:1700:21रात
गुरु00:2101:25रात
मंगल01:2502:29रात
सूर्य02:2903:33रात
शुक्र03:3304:37रात
बुध04:3705:41रात

अयनांश 24.2458° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।