17 दिसंबर 2027 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 दिसंबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 17 दिसंबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (08:04 तक), नक्षत्र आश्लेषा (02:41, 18 दिस॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 16:46 पर है। राहुकाल 10:10 से 11:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 16:46
रात 06:13 तक
तिथि
पंचमी, 05:28 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 02:41 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:12 – 07:31सामान्य
लाभ07:31 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:10शुभ
काल10:10 – 11:29टालें
शुभ11:29 – 12:49शुभ
रोग12:49 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:27टालें
चर15:27 – 16:46सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:46 – 18:27टालें
काल18:27 – 20:08टालें
लाभ20:08 – 21:49शुभ
उद्वेग21:49 – 23:30टालें
शुभ23:30 – 01:10शुभ
अमृत01:10 – 02:51शुभ
चर02:51 – 04:32सामान्य
रोग04:32 – 06:13टालें

17 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 08:04 तक
कृष्ण पंचमी 05:28, 18 दिस॰ तक
कृष्ण षष्ठी 03:06, 19 दिस॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 02:41, 18 दिस॰ तक
मघा 01:00, 19 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 00:17, 18 दिस॰ तक
विष्कंभअशुभ 21:05, 18 दिस॰ तक
करण
बालव 08:04 तक
कौलव 18:44 तक
तैतिल 05:28, 18 दिस॰ तक
गर 16:15, 18 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 02:41, 18 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
16:46
चंद्रोदय
20:55
चंद्रास्त
09:24
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:10 – 11:29
यमगंड
14:08 – 15:27
गुलिक काल
07:31 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1207:05दिन
बुध07:0507:58दिन
चंद्र07:5808:51दिन
शनि08:5109:44दिन
गुरु09:4410:36दिन
मंगल10:3611:29दिन
सूर्य11:2912:22दिन
शुक्र12:2213:15दिन
बुध13:1514:08दिन
चंद्र14:0815:01दिन
शनि15:0115:54दिन
गुरु15:5416:46दिन
मंगल16:4617:54रात
सूर्य17:5419:01रात
शुक्र19:0120:08रात
बुध20:0821:15रात
चंद्र21:1522:22रात
शनि22:2223:30रात
गुरु23:3000:37रात
मंगल00:3701:44रात
सूर्य01:4402:51रात
शुक्र02:5103:58रात
बुध03:5805:05रात
चंद्र05:0506:13रात

अयनांश 24.2476° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।