31 जनवरी 2029 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 31 जनवरी 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 31 जनवरी 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (06:19 तक), नक्षत्र आश्लेषा (07:31 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 17:17
रात 06:16 तक
तिथि
द्वितीया, 03:20 तक
तृतीया
नक्षत्र
मघा, 05:15 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:17 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 09:02शुभ
काल09:02 – 10:24टालें
शुभ10:24 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:09टालें
उद्वेग13:09 – 14:32टालें
चर14:32 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:17 – 18:55टालें
शुभ18:55 – 20:32शुभ
अमृत20:32 – 22:09शुभ
चर22:09 – 23:47सामान्य
रोग23:47 – 01:24टालें
काल01:24 – 03:02टालें
लाभ03:02 – 04:39शुभ
उद्वेग04:39 – 06:16टालें

31 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 06:19 तक
कृष्ण द्वितीया 03:20, 1 फ़र॰ तक
कृष्ण तृतीया 00:15, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 05:15, 1 फ़र॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 02:54, 2 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 16:43 तक
शोभन 13:00, 1 फ़र॰ तक
करण
कौलव 06:19 तक
तैतिल 16:51 तक
गर 03:20, 1 फ़र॰ तक
वणिज 13:47, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 07:31 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
18:42
चंद्रास्त
06:50
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:09 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:09
यमगंड
07:39 – 09:02
गुलिक काल
10:24 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1707:12दिन
चंद्र07:1208:07दिन
शनि08:0709:02दिन
गुरु09:0209:57दिन
मंगल09:5710:52दिन
सूर्य10:5211:47दिन
शुक्र11:4712:42दिन
बुध12:4213:37दिन
चंद्र13:3714:32दिन
शनि14:3215:27दिन
गुरु15:2716:22दिन
मंगल16:2217:17दिन
सूर्य17:1718:22रात
शुक्र18:2219:27रात
बुध19:2720:32रात
चंद्र20:3221:37रात
शनि21:3722:42रात
गुरु22:4223:47रात
मंगल23:4700:52रात
सूर्य00:5201:57रात
शुक्र01:5703:02रात
बुध03:0204:06रात
चंद्र04:0605:11रात
शनि05:1106:16रात

अयनांश 24.2633° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।