30 अक्टूबर 2027 को डरबन का चौघड़िया

शनिवार, 30 अक्टूबर 2027, डरबन, दक्षिण अफ़्रीका। समय Africa/Johannesburg में है।

शनिवार, 30 अक्टूबर 2027 को डरबन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (14:22 तक), नक्षत्र स्वाति (06:13 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 08:21 से 10:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 18:16
रात 05:02 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:22 तक
द्वितीया
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:03 – 06:42टालें
शुभ06:42 – 08:21शुभ
रोग08:21 – 10:00टालें
उद्वेग10:00 – 11:39टालें
चर11:39 – 13:18सामान्य
लाभ13:18 – 14:57शुभ
अमृत14:57 – 16:37शुभ
काल16:37 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:16 – 19:36शुभ
उद्वेग19:36 – 20:57टालें
शुभ20:57 – 22:18शुभ
अमृत22:18 – 23:39शुभ
चर23:39 – 01:00सामान्य
रोग01:00 – 02:20टालें
काल02:20 – 03:41टालें
लाभ03:41 – 05:02शुभ

30 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 14:22 तक
शुक्ल द्वितीया 13:43, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 06:13 तक
विशाखा 06:01, 31 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 19:00 तक
सौभाग्य 17:26, 31 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:22 तक
बालव 01:58, 31 अक्टू॰ तक
कौलव 13:43, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 00:01, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
05:12
चंद्रास्त
19:27
दिनमान
13h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:37 – 04:20
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:21 – 10:00
यमगंड
13:18 – 14:57
गुलिक काल
05:03 – 06:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0306:09दिन
गुरु06:0907:15दिन
मंगल07:1508:21दिन
सूर्य08:2109:27दिन
शुक्र09:2710:33दिन
बुध10:3311:39दिन
चंद्र11:3912:45दिन
शनि12:4513:51दिन
गुरु13:5114:57दिन
मंगल14:5716:03दिन
सूर्य16:0317:10दिन
शुक्र17:1018:16दिन
बुध18:1619:09रात
चंद्र19:0920:03रात
शनि20:0320:57रात
गुरु20:5721:51रात
मंगल21:5122:45रात
सूर्य22:4523:39रात
शुक्र23:3900:33रात
बुध00:3301:27रात
चंद्र01:2702:20रात
शनि02:2003:14रात
गुरु03:1404:08रात
मंगल04:0805:02रात

अयनांश 24.2458° (लाहिड़ी)। समय डरबन (Africa/Johannesburg) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।