19 मार्च 2027 को दुर्गापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 मार्च 2027, दुर्गापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 मार्च 2027 को दुर्गापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (23:17 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:31, 20 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 10:18 से 11:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 17:51
रात 05:45 तक
तिथि
द्वादशी, 23:17 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:31 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:46 – 07:16सामान्य
लाभ07:16 – 08:47शुभ
अमृत08:47 – 10:18शुभ
काल10:18 – 11:48टालें
शुभ11:48 – 13:19शुभ
रोग13:19 – 14:50टालें
उद्वेग14:50 – 16:20टालें
चर16:20 – 17:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:51 – 19:20टालें
काल19:20 – 20:49टालें
लाभ20:49 – 22:19शुभ
उद्वेग22:19 – 23:48टालें
शुभ23:48 – 01:17शुभ
अमृत01:17 – 02:46शुभ
चर02:46 – 04:16सामान्य
रोग04:16 – 05:45टालें

19 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 23:17 तक
शुक्ल त्रयोदशी 20:45, 20 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:31, 20 मार्च तक
मघा 23:44, 20 मार्च तक
योग
सुकर्मा 23:19 तक
धृति 20:05, 20 मार्च तक
करण
बव 12:34 तक
बालव 23:17 तक
कौलव 10:01, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 01:31, 20 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
14:47
चंद्रास्त
03:22
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
10:18 – 11:48
यमगंड
14:50 – 16:20
गुलिक काल
07:16 – 08:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4606:46दिन
बुध06:4607:47दिन
चंद्र07:4708:47दिन
शनि08:4709:47दिन
गुरु09:4710:48दिन
मंगल10:4811:48दिन
सूर्य11:4812:49दिन
शुक्र12:4913:49दिन
बुध13:4914:50दिन
चंद्र14:5015:50दिन
शनि15:5016:50दिन
गुरु16:5017:51दिन
मंगल17:5118:50रात
सूर्य18:5019:50रात
शुक्र19:5020:49रात
बुध20:4921:49रात
चंद्र21:4922:48रात
शनि22:4823:48रात
गुरु23:4800:47रात
मंगल00:4701:47रात
सूर्य01:4702:46रात
शुक्र02:4603:46रात
बुध03:4604:45रात
चंद्र04:4505:45रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय दुर्गापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।